
खाली कमरों में चलते पंखे, कूलर
कुचामनसिटी. भीषण गर्मी में आमजन अघोषित बिजली कटौती, बार-बार ट्रिपिंग और कम वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं, वहीं सरकारी दफ्तरों में बिजली की जमकर बर्बादी हो रही है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर और पंखों पर निर्भर हैं, लेकिन बिजली की आंख-मिचौली ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा है।
कम वोल्टेज और लगातार ट्रिपिंग के कारण घरों में लगे बिजली उपकरण खराब हो रहे हैं। बिजली निगम गर्मी में अधिक खपत को समस्या का कारण बताता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहानी बयां कर रही है।
पत्रिका की पड़ताल में शुक्रवार को सरकारी कार्यालयों में बिजली बचत को लेकर गंभीरता नजर नहीं आई। कई दफ्तरों में कर्मचारी और अधिकारी मौजूद नहीं थे, लेकिन पंखे, कूलर और एसी लगातार चल रहे थे।
सुबह करीब 11.30 बजे पंचायत समिति कार्यालय में अतिरिक्त विकास अधिकारी सहित दो अन्य कमरों में पंखे चलते मिले। कुर्सियां खाली पड़ी थीं। इसके बाद करीब 11.55 बजे राजकीय जिला चिकित्सालय में कई चैम्बरों में कूलर और पंखे एक साथ चालू मिले, जबकि संबंधित कर्मचारी कमरे में मौजूद नहीं थे।
विद्युत निगम कार्यालय में दोपहर करीब 12 बजे यहां भी कई कमरों में पंखे चल रहे थे। इसके बाद टीम करीब 12.38 बजे तहसीलदार कार्यालय पहुंची , स्वयं तहसीलदार के कक्ष में पंखा चालू मिला और कक्ष खाली । यह केवल कुछ कार्यालयों की तस्वीर है। शहर के अन्य कई सरकारी विभागों में भी इसी प्रकार बिजली की बर्बादी जारी है।
आमजन घंटों बिजली कटौती झेल रहे हैं, वहीं सरकारी दफ्तरों में लापरवाहीपूर्वक बिजली खर्च होना लोगों में नाराजगी पैदा कर रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर सरकारी कार्यालय ही जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे तो आमजन से बिजली बचत की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
लोगों का कहना है कि बिजली संकट के समय हर यूनिट कीमती है। अनावश्यक चलने वाले पंखे, कूलर और एसी न केवल बिजली की बर्बादी कर रहे हैं, बल्कि इससे बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त भार भी बढ़ रहा है। इसका सीधा असर ट्रिपिंग और कटौती के रूप में आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में यदि कार्यालयों, संस्थानों और घरों में जरूरत के अनुसार बिजली का उपयोग किया जाए तो काफी हद तक लोड कम किया जा सकता है। खाली कमरों में चलते पंखे, कूलर और एसी बिजली व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव बढ़ाते हैं। यदि सरकारी दफ्तरों में सख्ती से ऊर्जा बचत नियम लागू किए जाएं तो बड़ी मात्रा में बिजली बचाई जा सकती है।
सरकारी कार्यालयों में बिजली बचत को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी होनी चाहिए। जिस कमरे में अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं हों, वहां सभी बिजली उपकरण बंद रखना अनिवार्य किया जाए। साथ ही समय-समय पर निरीक्षण कर जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाए। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालय यदि उदाहरण प्रस्तुत करें तो आमजन भी बिजली बचत को गंभीरता से लेंगे।
पत्रिका अपील : छोटी आदतें बचा सकती हैं काफी बिजली
• भीषण गर्मी में बिजली बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी
• अनावश्यक बिजली खपत भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है
• खाली कमरे में पंखे, कूलर, एसी और लाइट तुरंत बंद करें
• जरूरत के अनुसार ही बिजली उपकरणों का उपयोग करें
• छोटी-छोटी आदतें बड़ी बिजली बचत का आधार बन सकती हैं
• बिजली बचाने से ट्रिपिंग और कटौती की समस्या कम होगी
• घर और दफ्तर दोनों जगह ऊर्जा बचत की आदत अपनाएं
• जागरूक नागरिक बनकर ऊर्जा संरक्षण में योगदान दें
Published on:
23 May 2026 01:01 pm
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