बेतुल

ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचे आयुक्त ने कचरे का ढेर देख जताई नाराजगी, कहा ठेकेदार पर जुर्माना लगाए

-कचरा उठाने के लिए15 दिन का दिया अल्टीमेटम, काम पूरा नहीं करने पर ब्लैकलिस्ट की चेतावनी। बैतूल। गौठाना स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को लेकर उपजा जनाक्रोश अब प्रशासनिक सक्रियता में बदलता दिख रहा है, लेकिन यह सक्रियता कितनी स्थायी होगी, इस पर अभी भी सवाल खड़े हैं। कुछ दिन पहले क्षेत्रवासियों ने स्टेट हाईवे पर चक्काजाम […]

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-कचरा उठाने के लिए15 दिन का दिया अल्टीमेटम, काम पूरा नहीं करने पर ब्लैकलिस्ट की चेतावनी।

बैतूल। गौठाना स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को लेकर उपजा जनाक्रोश अब प्रशासनिक सक्रियता में बदलता दिख रहा है, लेकिन यह सक्रियता कितनी स्थायी होगी, इस पर अभी भी सवाल खड़े हैं। कुछ दिन पहले क्षेत्रवासियों ने स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर उग्र प्रदर्शन किया था। इसके बाद बैतूल विधायक हेमन्त खंडेलवाल की शिकायत पर नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे शनिवार को गौठाना ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान ट्रेंचिंग ग्राउंड में भारी मात्रा में कचरा डंप पाए जाने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई और नगरपालिका अधिकारियों से तीखे सवाल किए। ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर करते हुए 15 दिन के भीतर कचरे का पूर्ण निष्पादन करने का अल्टीमेटम दिया गया। चेतावनी दी गई कि निर्धारित समयसीमा के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। टेंडर शर्तों के अनुसार प्रतिदिन दो हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। करीब 250 दिनों से काम अधूरा होने के कारण पांच लाख रुपए तक की दंडात्मक कार्रवाई संभव बताई गई है। आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, पुनर्चक्रण व्यवस्था और मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी की समीक्षा भी की गई। स्थानीय लोगों ने बदबू, दूषित पानी, वायु प्रदूषण और आवारा कुत्तों की समस्या उठाई, जिस पर आयुक्त ने बायो-ट्रीटमेंट और तात्कालिक समाधान के निर्देश दिए। बाद में कलेक्टर निवास पर हुई चर्चा में विधायक खंडेलवाल ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि लीगेसी वेस्ट डंप साइट रेमेडियेशन परियोजना मानकों के अनुसार नहीं चल रही है। आयुक्त ने दोषी अधिकारियों और कॉन्ट्रेक्टर पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस दौरान कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। फिलहाल प्रशासनिक सख्ती के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन क्षेत्रवासियों के लिए असली राहत तभी होगी जब दुर्गंध, प्रदूषण और स्वास्थ्य खतरे स्थायी रूप से समाप्त हों।

Published on:
21 Feb 2026 09:16 pm
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