कस्बे में लंबे समय से चरमराई सफाई व्यवस्था और गंदगी के अंबार को लेकर शुक्रवार को प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। खैराबाद पंचायत समिति के सहायक विकास अधिकारी तेजेन्द्र नाहर, उपप्रधान स्वाति मीणा और प्रहलाद मीणा ने कस्बे के मुख्य नालों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड स्थित पानी की टंकी के […]
कस्बे में लंबे समय से चरमराई सफाई व्यवस्था और गंदगी के अंबार को लेकर शुक्रवार को प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। खैराबाद पंचायत समिति के सहायक विकास अधिकारी तेजेन्द्र नाहर, उपप्रधान स्वाति मीणा और प्रहलाद मीणा ने कस्बे के मुख्य नालों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड स्थित पानी की टंकी के पीछे और खेड़ली रोड के नालों की हालत दयनीय पाई गई। नालों में जमा मलबे और कीचड़ के कारण आसपास के रहवासियों का जीना दूभर हो गया है। जिससें बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह देखी गई की नालों में जमा कचरे और प्लास्टिक की थैलियों को मवेशी खा रहे हैं, जिससें उनके स्वास्थ्य पर भी संकट मंडरा रहा है।
अधिकारी ने दी सख्त हिदायत
नालों की दुर्दशा और सफाई में लापरवाही देख सहायक विकास अधिकारी तेजेन्द्र नाहर ने मौके पर मौजूद ग्राम विकास अधिकारी त्रिलोचन कुमार को निर्देश दिए कि नालों में जमा मलबे को तुरंत हटवाकर सफाई कार्य शुरू किया जाए। सफाई व्यवस्था की रोजाना निगरानी कर प्रगति रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित करें। नाले में कचरा डालने वाले असामाजिक तत्वों और दुकानदारों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
मंत्री के निर्देशों की भी अनदेखी
गौरतलब है कि चेचट ग्राम पंचायत पिछले पांच वर्षों से सफाई व्यवस्था को लेकर विवादों में रही है। कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर स्वयं इस मामले में सरपंच और ग्राम विकास अधिकारियों को सख्त निर्देश दे चुके हैं। ग्रामीणों ने कई बार शिविरों और सीधे मंत्री तक शिकायतें पहुंचाई हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है।