समाचार

9 दिनों में 25 करोड़ से अधिक राम नाम जाप का लक्ष्य

राम नाम की गूंज से गूंजेगा झाबुआ, चैत्र नवरात्र में 12 राज्यों के 48 शहरों से जुटेंगे साधक
2 min read
Mar 18, 2026
Feature image

झाबुआ. चैत्र नवरात्र के अवसर पर बहादुर सागर तालाब किनारे स्थित श्रीराम शरणम् सत्संग भवन में आस्था, संयम और साधना का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। 19 मार्च से शुरू होने वाले इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में देश के 12 राज्यों के 48 शहरों से करीब 3,000 साधक शामिल होंगे, जो मौन साधना के माध्यम से आत्मचिंतन और आध्यात्मिक जागरण की ओर अग्रसर होंगे। इस दौरान प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ राम नाम का जाप किया जाएगा, जबकि पूरे 9 दिनों में 25 करोड़ से अधिक जाप होने का अनुमान है। खास बात यह है कि 389 साधक पूरे नवरात्र अवधि में पूर्ण मौन धारण कर साधना करेंगे। अनुष्ठान की शुरुआत प्रतिदिन तडक़े 5 बजे होगी और समापन रामनवमी के दिन किया जाएगा।

अनुशासित दिनचर्या में साधना का संकल्प

मौन साधना में शामिल साधकों को ब्रह्म मुहूर्त में जागना होगा। सुबह 7 से 8 बजे और दोपहर 3 से 4 बजे तक ‘सर्वशक्तिमते परमात्मने श्रीरामाय नम:’ महामंत्र का मानस जाप किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक साधक को दिन और रात में एक-एक घंटे सत्संग हाल में रहकर जाप करना अनिवार्य होगा। शेष समय में साधक मौन रहते हुए ध्यान, सिमरन, स्वाध्याय और अमृतवाणी का पाठ करेंगे।

रात्रि जागरण की विशेष व्यवस्था

दूरदराज से आने वाले ग्रामीण साधकों के लिए विशेष रात्रि साधना की व्यवस्था की गई है। उन्हें एक-एक दिन रात्रि 9 बजे से तडक़े 5 बजे तक सत्संग भवन में रहकर जागरण और राम नाम जाप करने की जिम्मेदारी दी गई है।

सामूहिक साधना से बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा

श्री राम शरणम् समिति के वरिष्ठ सदस्य आनंद विजय सिंह सक्तावत ‘बापू’ के अनुसार, सामूहिक रूप से की गई साधना से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मकता स्वत: दूर हो जाती है। उन्होंने कहा कि मौन साधना एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो मन को नियंत्रित कर उसकी ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करना सिखाती है।

आत्मचिंतन से बदलती है जीवन की गुणवत्ता

समिति के अध्यक्ष हेमेंद्र पटेल और सचिव बृजराजसिंह राठौर ने बताया कि मौन साधना व्यक्ति को अपने भीतर झांकने का अवसर देती है। इससे व्यक्ति बाहरी शोर से दूर होकर आंतरिक चेतना से जुड़ता है, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव आता है।

Updated on:
18 Mar 2026 02:43 pm
Published on:
18 Mar 2026 02:43 pm