जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
छिंदवाड़ा. भगवान विष्णु के छठवें अवतार कहे जाने वाले भगवान परशुराम की जयंती शुक्रवार को अक्षण तृतीया के दिन हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। जिले भर में विभिन्न आयोजन हुए। विप्र समाज ने विशेष पूजन अर्चन व हवन कर भगवान परशुराम का प्राकट्य उत्सव हर्षोल्लास के साथ पारंपरिक रूप से मनाया। जिला मुख्यालय में ब्रह्म समाज कल्याण मंडल द्वारा श्री परशुराम जयंती पर चार दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। तीसरे दिन यज्ञोपवीत संस्कार कार्यक्रम में शुक्रवार को सभी बटुकों ने भगवान परशुराम का पूजन कर यज्ञोपवीत धारण किया एवं भिक्षा हेतु नगर भ्रमण पर निकले। भगवान के जन्मदिन पर सुबह 9 बजे श्री परशुराम वाटिका में समाज के सभी लोगों द्वारा भगवान श्री परशुराम का अभिषेक पूजन एवं हवन संपन्न किया गया। शाम को श्री परशुराम मंदिर संकट मोचन मंदिर परिसर नरसिंहपुर रोड से विशाल शोभा यात्रा एवं वाहन रैली निकाली गई। शोभायात्रा श्याम टाकीज, नरसिंहपुर रोड, चार फाटक, तिलक मार्केट, फव्वारा चौक, छत्रपति शिवाजी चौक होते हुए श्री परशुराम मंदिर पहुंची। शोभयात्रा में हजारों की संख्या में विप्रजन शामिल हुए। यात्रा के दौरान श्री भगवान परशुराम के नारों से शहर गूंजयमान हुआ। लगभग दो घंटे तक आयोजित इस शोभायात्रा का जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया। यात्रा का समापन के पश्चात आरती पूजन किया गया। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष विजय पांडे, कार्यकारी अध्यक्ष नंदकिशोर तिवारी, रमेश दुबे, आनंद बक्षी सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
भगवान की नई प्रतिमा हुई स्थापित
श्री परशुराम वाटिका में भगवान परशुराम की नई प्रतिमा की स्थापना वैदिक पद्धति से की गई। प्रतिमा को देखकर लोग भाव विभोर हो गए।
आज सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समापन
श्री परशुराम जयंती पर चार दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन शनिवार को श्री परशुराम वाटिका में शाम 7 बजे से मुख्य कार्यक्रम एवं सांस्कृतिककार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें शहर के सभी ब्राह्मण परिवार एकत्रित होंगे। कार्यक्रम में बच्चे विभिन्न धार्मिक गीतों पर अपनी प्रस्तुति देंगे। सभी प्रतियोगिता में भाग लेने वाले लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा।