1967 में सत्ता से बेदखल हुई कांग्रेस को तमिलनाडु में नया जीवन मिला है। इसका श्रेय विजय की टीवीके पार्टी को जाता है। कांग्रेस ने सबसे पहले विजय की अल्पमत वाली सरकार को समर्थन देने की घोषणा की थी। अब टीवीके ने उसे सत्ता में हिस्सेदारी का न्यौता दिया है।
चेन्नई. कांग्रेस पार्टी को तमिलनाडु में टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव मिला है, जिसे पार्टी ने स्वीकार कर लिया है। यह जानकारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडणकर ने गुरुवार को दी।गिरीश चोडणकर ने पत्रकारों से कहा, "हमें पहले ही टीवीके की ओर से प्रस्ताव मिल चुका है। लगभग 60 वर्षों बाद हम सरकार का हिस्सा बनने जा रहे हैं।" उन्होंने बताया कि कांग्रेस के कितने विधायक सरकार में मंत्री बनेंगे, इसका निर्णय अंतिम चर्चा के बाद होगा। यह मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का विशेषाधिकार है कि वे कांग्रेस विधायकों को कब और कैसे मंत्रिमंडल में शामिल करेंगे? इसी दिन कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की।
खरगे व राहुल से मिले
चोडणकर के अनुसार, खरगे ने विधायकों को पार्टी को मजबूत करने और पूरी मेहनत से काम करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ भी विधायकों ने बैठक की। राहुल गांधी ने संगठन के पुनर्निर्माण और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पार्टी को मजबूत करने पर जोर दिया।
गिरीश चोडणकर ने कहा, "हम सरकार में शामिल होकर इस अवसर का जनहित में उपयोग करेंगे।" कांग्रेस ने 2026 के विधानसभा चुनावों में 28 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से 5 सीटों पर जीत दर्ज की। परिणाम के बाद कांग्रेस ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम से गठबंधन तोड़कर टीवीके को समर्थन देने का निर्णय लिया।