अजमेर-चित्तौड़गढ़ रेलवे खंड में इलेक्टि्रक ट्रेनें अब एक सौ तीस किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़ेगी। इसके लिए भीलवाड़ा खंड में पुरानी पटरी बदलनें और उनके स्थान पर नई पटरी बिछाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया। भीलवाड़ा-अजमेर रेल मार्ग पर इलेक्टि्रक ट्रेनों की गति बढ़ाने का कार्य गति से जारी है। पहले चरण […]
अजमेर-चित्तौड़गढ़ रेलवे खंड में इलेक्टि्रक ट्रेनें अब एक सौ तीस किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़ेगी। इसके लिए भीलवाड़ा खंड में पुरानी पटरी बदलनें और उनके स्थान पर नई पटरी बिछाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया।
भीलवाड़ा-अजमेर रेल मार्ग पर इलेक्टि्रक ट्रेनों की गति बढ़ाने का कार्य गति से जारी है। पहले चरण में ट्रेनों की गति साठ से बढ़ा कर एक सौ दस किमी प्रति घंटा की गई। यही गति अब बढ़ा कर एक सौ तीस की जा रही है। इसके लिए खंड में ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए पुरानी रेलवे लाइनें बदलने का कार्य करीब पूर्ण कर लिया गया है।
खंड में जो पटरी बिछाई गई है, उन पर अब ट्रेनें भविष्य में एक सौ साठ प्रति घंटा की गति से भी दौड़ सकेगी। अभी खंड में कुछेक ट्रेनों को छोड़ कर अधिकांश के इलेक्टि्रक इंजन लग गए है। यहां भीलवाड़ा यार्ड में हटाई गई पुरानी रेलवे पटरियों को भी ट्रेक के आसपास से हटाया जा रहा है। इसके लिए विशेष मशीनें यहां यार्ड में लगी हुई है। मशीन के जरिए ट्रेक की पटरी पर बिखेरी पुरानी गिट्टी को भी समेटा जा रहा है, नई गिट्टी भी ट्रेक पर लगाई जा रही है।