सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता, टीचर्स और गुरू देवेंद्र कुमार सतपुड़ा को दिया। उन्होंने बताया कि 12वीं में 91 प्रतिशत आए थे। मेरिट लिस्ट में नाम आते ही गुरु सतपुड़ा ने मेरा लक्ष्य तय कर दिया था।
देश की सबसे कठिन यूपीएससी UPSC की सिविल सर्विसेस परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इसमें एमपी के भी कई युवा चुने गए हैं। धार के एक छोटे से गांव की बेटी माही शर्मा ने भी इस कठिन परीक्षा में कमाल दिखाया है। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा 2023 में 106 वीं रैंक प्राप्त की। बेहद विपरीत परिस्थितियों में वे दिल्ली में अकेली रहकर पढ़ाई करती थीं लेकिन आखिरकार इसका प्रतिफल भी प्राप्त हो गया।
आदिवासी इलाके की रहनेवाली माही बेहद सामान्य परिवार की हैं। उनके पिता राजू शर्मा किराना दुकान चलाते हैं। माही ने दूसरे प्रयास में यह कामयाबी हासिल की। उनकी इस उपलब्धि पर पुश्तैनी गांव राजगढ़ में लोग खूब खुशियां मना रहे हैं।
महज 23 साल की उम्र में माही IPS अफसर बन गई हैं। वे कई साल से भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए लगातार मेहनत कर रहीं थीं। पहली बार परीक्षा दी तो उचित परिणाम नहीं मिला पर निराश नहीं हुईं। वे अपने लक्ष्य के लिए डटी रहीं, घंटों तक अकेले पढ़ती रहीं और अंतत: यूपीएससी क्रेक कर ली।
मंगलवार को जब यूपीएससी ने सिविल सर्विेसेस परीक्षा 2023 का परिणाम जारी किया तो धार के राजगढ़ के राजेंद्र शर्मा के घर खुशियां मानो बरसने लगीं। उनकी बेटी माही ने यूपीएससी परीक्षा में 106वीं रैंक हासिल की। वे अब आईपीएस बनेंगी।
माही शर्मा ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता, टीचर्स और गुरू देवेंद्र कुमार सतपुड़ा को दिया। उन्होंने बताया कि 12वीं में 91 प्रतिशत आए थे। मेरिट लिस्ट में नाम आते ही गुरु सतपुड़ा ने मेरा लक्ष्य तय कर दिया था। उन्होंने आईएएस परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। उनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन के कारण ही मैं छोटे से गांव से निकलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चुनी जा सकी हूं।
परिवार सामान्य पर लक्ष्य बड़ा
माही का परिवार बहुत सामान्य है और राजेंद्र कालोनी में रहता है। उनके छोटे भाई-बहन स्कूल में पढ रहे हैं। पिता राजेंद्र शर्मा की नए बस स्टैंड पर किराने की दुकान है। माता गृहिणी हैं। आम कस्बाई परिवार की माही शर्मा ने लक्ष्य बड़ा रखा। वे प्रखर वक्ता हैं और नेशनल लेबल पर वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में शामिल होती रहीं।