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पत्रिका जनमंच में पीड़ितों ने बयां किया दर्द, प्रशासन की अनदेखी पर फूटा गुस्सा

भीलवाड़ा। राजस्थान पत्रिका के जनमंच कार्यक्रम में बुधवार को भीलवाड़ा वासियों का दर्द छलक पड़ा। मांडलगढ़ निवासी महावीर प्रसाद वैष्णव ने रुआंसे होते हुए बताया कि सूदखोरों की प्रताड़ना से उनके बेटे ने जान दे दी, लेकिन 5 साल बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि न्याय न मिलने पर […]

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भीलवाड़ा। राजस्थान पत्रिका के जनमंच कार्यक्रम में बुधवार को भीलवाड़ा वासियों का दर्द छलक पड़ा। मांडलगढ़ निवासी महावीर प्रसाद वैष्णव ने रुआंसे होते हुए बताया कि सूदखोरों की प्रताड़ना से उनके बेटे ने जान दे दी, लेकिन 5 साल बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि न्याय न मिलने पर उनके पास भी आत्मघाती कदम के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।

जनमंच के दौरान उभरी प्रमुख जनसमस्याएं

रोजगार: महात्मा गांधी अस्पताल की 13 नर्सिंग कर्मियों को बिना नोटिस नौकरी से निकाल दिया गया, जिनका वेतन और पीएफ भी बकाया है।

बुनियादी ढांचा: पटेलनगर और आजाद नगर में सड़केंउधड़ीपड़ी हैं। नेहरू विहार में सरकारी स्कूल की कमी है, वहीं प्रियदर्शनी कॉलोनी में पाइपलाइन लीकेज से जलभराव की समस्या है।

अतिक्रमण व सफाई: सांगानेरी गेट के पास एक पुराना कुआं कचरा स्टैंड बन चुका है, जिससे संक्रमण का खतरा है।

पट्टा नियमन: आरसी व्यास और संजय कॉलोनी के लोग पट्टों के लिए नगर निगम और यूआईटी के बीच चक्कर काट रहे हैं।

अंत में, राजस्थान जनमंच ने पोस्टर के जरिए शहर की 150 कॉलोनियों में चंबल के पानी की किल्लत और बजरी की अनुपलब्धता का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। https://www.dailymotion.com/video/x9z8xam

Published on:
04 Feb 2026 09:26 pm
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