नोएडा क्रिकेट ग्राउंड अगले तीन महीने में तैयार हो जाएगा। इस ग्राउंड में डे मैच तो होंगे ही, लेकिन डे-नाइट मैचों को ज्यादा तवज्जो दी जाएगी। जोकि फ्लड लाइट में खेले जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि ये डिसीजन काफी सोच-समझकर लिया गया है। क्योंकि दिन में भारी ट्रैफिक में स्टेडियम के बाहर आने वाले लोगों को संभालना काफी मुश्किल होगा। इसलिए अधिकतर मैचों का आयोजन डे-नाइट ही होगा।
जहां नोएडा में इंटरनेशनल लेवल का क्रिकेट ग्राउंड तैयार किया जा रहा है वह शहर के बीचो-बीच है। एक आेर 12/22 तिराहे अौर सेक्टर-16 मैट्रो स्टेशन को कनेक्ट करने वाली मेन रोड है तो दूसरी तरफ माॅल आैर रिहायशी इलाका। दोनों आेर गेट लगे हुए हैं। दिन में जहां ट्रैफिक रहता है। दूसरी आेर स्कूल, माॅल रिहायशी इलाकों में रहने वालों की भीड़ है। दोनों आेर क्राउड होने की वजह से अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या हो जाती है।
पार्किंग की जगह भी है काफी कम
25 हजार क्षमता के इस क्रिकेट ग्राउंड में पार्किंग की भी काफी समस्या है। आसपास अगर माॅल को छोड़ दिया जाए तो कहीं पार्किंग नहीं है। वैसे प्राधिकरण के अधिकारी कह रहे हैं कि वो पार्किंग व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए न तो स्टेडियम में इतनी जगह है आैर न ही सामने पड़ रही नोएडा सिटी सेंटर की लैंड में। यह भी एक वजह है कि एनसीजी में फ्लड लाइट के बीच मैच कराने को तवज्जो दी जा रही है।
दिन में क्राउड संभालना होगा मुश्किल
दूसरी आेर अधिकारियों को दिन में होने वाले मैचों में आने वाले क्राउड की चिंता अभी से होने लगी है। अगर चारों आेर के भी के गेट खोल दिए जाएंगे तो भी ट्रैफिक जाम लगना लाजिमी है। एेसे में पुलिस आैर नोएडा अथाॅरिटी के पास न तो इतनी फोर्स है आैर न ही गार्ड। अधिकारिेयों की मानें तो रात के समय सड़कें पूरी तरह से खाली होंगी। मैच होने के बाद लोगों की गाड़ियों को आसानी से निकाला जा सकेगा। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या भी नहीं होगी। नोएडा प्राधिकरण के उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि अगले तीन महीनों में स्टेडियम को तैयार कर लिया जाएगा। उसके बाद सभी समस्याआें को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।