नोएडा मेट्रो रेल काॅरपोरेशन के नए एमडी ने पदभार संभाल लिया है। उन्होंने नोएडा आैर ग्रेटर नोएडा अथाॅरिटी में मौजूद मेट्रो से जुड़े अधिकारियों को बुलाकर प्रोजेक्ट की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही उन्होंने साफ कह दिया है कि अब एनएमआरसी अपने फंड खुद जेनरेट करेगी। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों से कुछ सुझाव देने को कहा है, ताकि डिपार्टमेंट को बार-बार नोएडा अथाॅरिटी की आेर देखना न पड़े।
एनएमआरसी को बने अब काफी वक्त बीत चुका है। अब समय आ गया है कि डिपार्टमेंट अपने पैरों पर खड़ा हो। वो किसी के आगे हाथ ना फैलाए। खुद की इनकम जेनरेट करे। एेसे उपाय किए जाएं कि छोटे-मोटे काम तो क्या बड़े काम के लिए किसी से लोन या उधार लेने की जरुरत ही ना पड़े। जी हां, ये बातें एनएमआरसी के नए एमडी की आेर से नोएडा मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े सभी अधिकारियों से कह दी गई है। वहीं उन्होंने प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी जानकारी आैर फाइलें मांग ली हैं। साथ ही हर सप्ताह की प्रोग्रेस रिपोर्ट देने के लिए भी कहा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नोएडा में निर्माणाधीन सभी मेट्रो स्टेशनों के पूरा हो जाने आैर रन करने बाद जो भी कमर्शियल एक्टीविटी होगी उसके लिए एनएमआरसी से इजाजत लेनी होगी। वास्तव में स्टेशनों के अंदर बनने वाली दुकानों आैर स्टाॅल का आवंटन एनएमआरसी के माध्यम से किया जाएगा। जिससे मिलने वाला रुपया एनएमआरसी की इनकम की तरह होगा। इसके अलावा पार्किंग अलाॅटमेंट भी एनएमआरसी के माध्यम से ही किया जाएगा। उसकी इनकम भी एनएमआरसी की तिजौरी में ही जाएगी।
इसके अलावा आैर भी कर्इ कमर्शियल एक्टीविटी शुरू की जाएंगी, जो दिल्ली एनसीआर के किसी भी स्टेशन पर नहीं शुरू हुई हैं। जैसे काॅफी कम रीडिंग शाॅप। जिनमें इंवेस्टमेंट तो कम हो, लेकिन मुनाफा ठीक हो। एनएमआरसी के नए एमडी संतोष यादव ने बताया कि एनएमआरसी के माध्यम से पूरे नोएडा आैर ग्रेटर नोएडा के मेट्रो प्रोजेक्ट का काम होना है। इसके लिए इसे चलाने के लिए रुपए की जरुरत होगी। इसलिए इसके फंड के इंतजाम भी हमें खुद ही करने होंगे।