समाजसेवी एवं अधिवक्ता रंजन तोमर द्वारा ग्रह मंत्रालय भारत सरकार से सूचना के अधिकार द्वारा मांगे गए सवाल से कई चौंकाने वाले नतीजे सामने आये हैं।
नोएडा। शहर के युवा समाजसेवी एवं अधिवक्ता रंजन तोमर द्वारा ग्रह मंत्रालय भारत सरकार से सूचना के अधिकार द्वारा मांगे गए सवाल से कई चौंकाने वाले नतीजे सामने आये हैं। रंजन तोमर ने मोदी सरकार एवं इससे पहले की यूपीए सरकार के बीच तुलनात्मक जानकारी एकत्रित करने के लिए देश के चार महानगरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु (जो अब महानगर बन चुका है) एवं चेन्नई से सम्बंधित जानकारी मांगी थी। जिसमें यह पूछा गया था कि कांग्रेस के अंतिम साढ़े चार वर्ष एवं मोदी सरकार के साढ़े चार वर्ष में इन शहरों में कितने आतंकवादी हमले हुए और उनमें कितने आम नागरिक मारे गए।
इस जवाब देते हुए जन सूचना अधिकारी एस के चिकारा ने बताया के कांग्रेस शाशन में दिल्ली में चार आतंकवादी हमले हुए, जिसमें 15 नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मुंबई में एक हमला हुआ, जिसमें 27 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। वहीं बेंगलुरु में दो हमले हुए जिनमें कोई मृत्यु नहीं हुई, जबकि चेन्नई में इस दौरान एक हमला हुआ जिसमें एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी।
इसके बाद मोदी सरकार के साढ़े चार साल के शासन का ब्यौरा देते समय हुए जन सूचना अधिकारी कहते हैं कि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई एवं बेंगलुरु में इस दौरान एक भी आतंकवादी घटना नहीं हुई है। जिस कारण एक भी नागरिक को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ी।
रंजन तोमर ने बताया कि यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा है क्यूंकि मोदी सरकार को विपक्ष कश्मीर में आतंकवाद न रोक पाने की बात कहकर घेर रहा है। ऊपर से हाल ही में पांच राज्यों के चुनावों में हुई हार के बाद भी सरकार बैकफुट पर है। इस जानकारी के बाद अवश्य ही जनता का सरकार की आतंकवाद की बाबत नीतियों पर विश्वास बढ़ेगा।