। अमरीका में हुई बर्फबारी से नोएडा के नागरिक भी परेशान हैं। कई नागरिकों के
परिजन वहां हैं। बर्फ में फंसे अपने लोगों का हाल जानने के लिए यहां के
नागरिक बेचैन हैं। देश में पिछले पंद्रह दिनों में कड़ाके की ठंड पड़ी। आम जनजीवन पर असर हुआ। इसी दौरान हजारों मील दूर अमरीका में भी भारी बर्फबारी से वहां 11 राज्यों में आपातकाल की स्थिति पैदा हो गई है। 17 लोगों की मौत भी हो गई है। यहां के शहरों का अमूममन तापमान शून्य से 12 डिग्री नीचे तक चला गया है।
नोएडा के कई परिवार हैं चिंतित
नोएडा के कई परिवार हैं जो अपने परिजनों का हाल जानने के लिए बेचैन हैं। वहां तूफान थमने की दुआ कर रहे हैं। सेक्टर-27 के सुदेश त्यागी अपने बेटे ध्रुव का हाल जानने के लिए उनके मोबाइल पर फाेन कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ एक बार ही बात हुई। टेलीकाम कंपनी में इंजीनियर ध्रुव ने मोबाइल पर बताया कि घर के बाहर छह से सात फुट बर्फ जमी है। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। लोग रोजमर्रा की वस्तुएं लेने बाहर नहीं जा पा रहे हैं। सेक्टर-122 की सुजाता पालीवाल ने बताया कि उनके अंकल संजय पालीवाल न्यूयॉर्क में हैं। वह बैंक में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। सुजाता ने बताया कि अंकल से शनिवार को बात हुई, उसके बाद से बात नहीं हो पा रही है। सेक्टर-56 में रहने वाले जितेंद्र ने बताया कि उनके अंकल बलदेव राज विज हैं। वह पिछले दस सालों से अमरीका में हैं। उनसे संपर्क की कोशिश की गई पर बात नहीं हो सकी। सेक्टर-22 और 24 में कुछ लोग हैं, जिनके परिजन अमरीका में हैं।
नेटवर्क के ठप्प होने के साथ बिजली गुल
अमरीका पूरी तरह विकसित देश है। इसके बाद भी यहां बर्फबारी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। 1.5 लाख घरों में बिजली गुल हैं। 11 राज्यों में स्नो इमरजेंसी लगा दी गई है। हवाई यातायात पूरी तरह बाधित है। लोगों के घरों के बाहर खड़े वाहन पूरी तरह बर्फ से ढके हुए हैं। बड़े शहरों की मुख्य सड़कों में यातायात बहाल करने के लिए मशीनों से बर्फ हटाई जा रही है।