नोएडा

2,500 रूपए में घर कैसे चलाएं? नोएडा में अब मजदूरों के बाद सड़कों पर उतरीं महिला मेड्स

Noida Maids Protest: नोएडा में हो रहे मजदूरों के प्रदर्शन के बाद अब घरेलू सहायिकाओं ने सड़क पर इकट्ठा होकर नारे लगाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि जब तक हमारा वेतन नहीं बढ़ा दिया जाता, तब तक हम वापस काम पर नहीं जाएंगे। नारेबाजी करती महिलाओं ने बताया कि ओवरटाइम काम करने के बाद भी ज्यादा वेतन नहीं मिलता।

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Apr 14, 2026
अब घरेलू सहायिकाओं ने भी वेतन के लिए सड़क पर इकट्ठा होकर नारे लगाकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है।

Noida protest updates: उत्तर प्रदेश के नोएडा में जारी मजदूरों के आंदोलन के बीच मंगलवार को उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब घरों में काम करने वाली महिलाओं ने (मेड्स) भी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर धरना देने लगी। शहर के अलग-अलग इलाकों में सहायिकाओं की नौकरी करने वाली इन महिलाओं ने यह प्रदर्शन ज्यादा वेतन और बेहतर काम करने की हालातों को ठीक करने की मांग को लेकर किया। महिलाओं का कहना है कि उन्हें केवल 2,500 से 3,000 रुपए महीना तक का वेतन ही मिलता है और पूरे महीने में केवल दो छुट्टी ही दी जाती है, इससे ज्यादा छुट्टी करने पर पैसा काट लेते हैं या चोरी का इल्जाम लगा देते हैं।

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'हमें महीने में चार छुट्टी चाहिए'

एबीपी की एक रिपोर्ट के अनुसार वेतन वृद्धि की मांग करते हुए महिलाओं ने बताया कि बढ़ती महंगाई के हिसाब से उनका कमाई बहुत कम है और इसके मुकाबले काम के घंटे बहुत ज्यादा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें कोई छुट्टियां तक नहीं दी जाती हैं। महिलाओं ने चार छुट्टी की मांग करते हुए कहा कि 'हमें महीने में चार छुट्टी चाहिए, क्योंकि हम बच्चों को टाइम नहीं दे पाते हैं, वो बीमार होते हैं तो हम उनकी देखभाल तक नहीं कर पाते।'

'हमें केवल ढाई से तीन हजार रुपए वेतन मिलता है'

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आगे कहा 'आज आसमान छूती महंगाई के दौर में ढाई-तीन हजार रुपए के वेतन में महीनाभर घर बिलकुल ही कमर तौड़ देने जैसा है। इस हालत में घर चलाना बहुत मुश्किल हो गया है।' उन्होंने कहा, 'सब जगह इतनी ज्यादा महंगाई बढ़ गई है, गैस का पैसा, राशन का पैसा, स्कूल की फीस सब कुछ बढ़ गया है। इन लोगों के बच्चे प्राइवेट स्कूल में जाते हैं तो हमारे बच्चे क्यों नहीं जा सकते।'

वेतन पुनर्निधारित होने तक हड़ताल की धमकी दी

इसके अलावा उन्होंने बताया कि ओवरटाइम की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सड़क पर इकट्ठा होकर नारे लगाए और कहा कि जब तक हमारा वेतन नहीं बढ़ाया जाता, तब तक हम वापस काम पर नहीं लौटेंगे।

पुलिस बोली- शांतिपूर्ण रहा महिलाओं का प्रदर्शन

उधर गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने इस प्रदर्शन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि क्लियो काउंटी, गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-121, सेक्टर-70 में घरों में काम करने वाली घरेलू सहायिकाओं (मेड) ने काम का पैसा बढ़ाने के लिए प्रदर्शन किया गया था, इस दौरान वहां के हालात शांतिपूर्ण रही तथा कानून-व्यवस्था में भी किसी तरह की कोई दिक्कत उत्पन्न नहीं हुई।

मजदूरों के प्रदर्शन के बाद सड़कों पर उतरी महिलाएं

महिलाओं का यह विरोध-प्रदर्शन फैक्ट्री मजदूरों ने किए गए हिंसक प्रदर्शनों के एक दिन बाद हुआ, जिसने पूरे शहर में सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। हालांकि राज्य सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी की घोषणा के बाद भी मंगलवार को भी नोएडा में श्रमिकों का आंदोलन जारी रहा, इस दौरान जहां कुछ इलाकों में पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, वहीं कई औद्योगिक क्षेत्रों में कारखानों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया।

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