Noida Police FIR RJD Spokesperson: नोएडा पुलिस ने RJD प्रवक्ता कंचना यादव और प्रियंका भारती पर दर्ज की FIR। मध्य प्रदेश के शहडोल का वीडियो नोएडा श्रमिक आंदोलन का बताकर शेयर करने और अफवाह फैलाने का आरोप।
Noida Violence: औद्योगिक क्षेत्र में जारी श्रमिक आंदोलन के दौरान भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ नोएडा पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस ने राजद (RJD) की प्रवक्ता प्रियंका भारती और कंचना यादव के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने मध्य प्रदेश के एक वीडियो को नोएडा श्रमिक आंदोलन से जोड़कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिससे शहर का माहौल बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई।
यूपी पुलिस की साइबर सेल ने जांच में पाया कि फेसबुक और 'एक्स' (ट्विटर) पर एक वीडियो तेजी से वायरल किया जा रहा था, जिसमें पुलिस एक व्यक्ति की पिटाई कर रही है। जांच में खुलासा हुआ कि यह वीडियो असल में मध्य प्रदेश के शहडोल का है, जहाँ पुलिस एक हंगामा करने वाले शराबी को नियंत्रित कर रही थी। आरोपियों ने इसी वीडियो को नोएडा का बताकर भ्रामक कैप्शन के साथ शेयर किया और पुलिसिया कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे श्रमिक आंदोलन से जोड़ दिया।
पुलिस ने केवल प्रवक्ताओं ही नहीं, बल्कि अफवाह फैलाने वाले अन्य हैंडल्स पर भी शिकंजा कसा है। दूसरी एफआईआर 'एक्स' हैंडल @ItsKtyni और फेसबुक प्रोफाइल जितेंद्र शर्मा दौसा के खिलाफ दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने जानबूझकर उस समय अफवाह फैलाई जब सेक्टर-1 और सेक्टर-6 स्थित मदरसन कंपनी के कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे और माहौल पहले से ही तनावपूर्ण था।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से नोएडा में वेतन विसंगतियों को लेकर श्रमिक आंदोलन चल रहा है। इस दौरान स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शन हिंसक हो गया और उपद्रवियों ने फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ और सड़क जाम कर दंगा फैलाने की कोशिश की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया था, जिसकी आड़ में आरोपियों ने फर्जी वीडियो के जरिए पुलिस की छवि खराब करने और मजदूरों को भड़काने का प्रयास किया।
नोएडा पुलिस ने हिंसा के बाद अब तक 350 से ज्यादा उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है और विभिन्न थानों में 7 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस न केवल सीसीटीवी फुटेज के जरिए तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर रही है, बल्कि इस अशांति के पीछे किसी 'सुनियोजित सिंडिकेट' या बाहरी साजिश के एंगल से भी जांच कर रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले 50 से अधिक बॉट हैंडल्स और भ्रामक वीडियो पोस्ट करने वाली आरजेडी प्रवक्ताओं पर भी शिकंजा कसा गया है। स्थिति को शांत करने के लिए एक तरफ सुरक्षा बल तैनात हैं, तो दूसरी तरफ सरकार ने न्यूनतम वेतन में करीब 21% की बढ़ोतरी का बड़ा फैसला भी लिया है।