नोएडा की ग्रैंड ओमैक्स सोसायटी में गालीबाज श्रीकांत त्यागी द्वारा बदसलूकी का शिकार हुई महिला ने एक वीडियो जारी कर अपा पक्ष रखा है।
नोएडा की ग्रैंड ओमैक्स सोसायटी में गालीबाज श्रीकांत त्यागी द्वारा बदसलूकी का शिकार हुई महिला ने एक वीडियो जारी कर अपा पक्ष रखा है। पीड़ित महिला एना अग्रवाल ने कहा कि इस मामले को त्यागी वर्सेज अग्रवाल न बनाएं। वीडियो में उन्होंने साफ कहा है कि इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए। दरअसल, कई जगहों से त्यागी समाज द्वारा श्रीकांत त्यागी के समर्थन में विरोध किया गया है। इस बीच पीड़ित महिला ने वीडियो जारी कर इस मामले को जातिगत दृष्टि से न जोड़ने की अपील की है।
पुलिस ने लिया होता एक्शन तो इतनी आगे न बढ़ती बात
एना अग्रवाल ने स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए अपने वीडियो में कहा कि ये मामला केवल एक सोसायटी का नहीं है। हां, त्यागी ने बहुत गलत किया है, लेकिन अगर पहले नोएडा पुलिस ने ये एक्शन लिया होता तो बात इतनी आगे नहीं बढ़ती। अगरे मेरी सोसायटी के लोग और गार्ड उनसे नहीं डरे होते, तो बात इतनी आगे नहीं बढ़ती। जब बात मीडिया में चली गई तब चारों ओर फैल गई।
मीडिया सच न कहती तो बात इतनी न फैलती
पीड़ित महिला ने कहा कि अगर मीडिया ने सच नहीं कहा होता तो बात इतनी नहीं फैलती। उसने मेरे साथ गलत किया था, इसलिए उसे सजा मिल रही है। उसने बहुत लोगों के साथ गलत किया था। लेकिन इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।
श्रीकांत त्यागी के समर्थकों को मिली बेल
नोएडा की ओमैक्स सोसायटी के अंदर घुसकर एक महिला के साथ अभद्रता करने वाले श्रीकांत त्यागी के समर्थकों को जमानत मिल गई है। छह समर्थकों की जमानत मंजूर कर दी गई है। इन सभी आरोपियों ने बीते 8 अगस्त को सोसायटी में हंगामा किया था। जिसके बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दरअसल, श्रीकांत त्यागी का पांच अगस्त को महिला के साथ बदसलूकी का वीडियो वायरल हुआ था। मामले के तूल पकड़ते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस की सख्ती की भनक लगते ही श्रीकांत त्यागी फरार हो गया। हालांकि, कुछ दिन बाद श्रीकांत त्यागी आखिरकार पुलिस की पकड़ में आ गया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, सात अगस्त को त्यागी के समर्थकों ने ग्रैंड ओमैक्स में हंगामा किया था। हंगामा करने वाले प्रिंस त्यागी, नितिन त्यागी, लोकेंद्र त्यागी, राहुल त्यागी, चर्चिल राणा और रवि पंडित को गिरफ्तार किया था। पहले मजिस्ट्रेट ने जमानत खारिज कर दी थी। मंंगलवार 16 अगस्त को जिला जज ने सुनवाई के दौरान जमानत मंजूर कर ली। इन लोगों पर धारा 147, 447, 504, 506, 323, 419, 34, 120, 332, 353 और सात क्रिमिनल एमेंडमेंट एक्ट के तहत केस दर्ज था।