Rain Alert: मौसम विभाग ने प्रदेश में एक बार फिर तेज हवाओं के साथ बारिश तथा कुछ स्थानों पर वज्रपात के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 4 फरवरी के बाद मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
Rain Alert: उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। कहीं घना कोहरा तो कहीं ठंडी हवाओं ने असर दिखाया है, जिससे लोगों को एक बार फिर ठंड का अहसास होने लगा है।
Rain Alert: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना भी जताई गई है। सोमवार सुबह गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, सहित आसपास के इलाकों में घना कोहरा देखा गया। जिससे दृश्यता प्रभावित रही।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। इसके चलते उत्तर प्रदेश में ठंड बढ़ गई है। शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने ठिठुरन को और तेज कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। जिससे सुबह और रात की ठंड बढ़ेगी।
सोमवार को पूर्वी यूपी के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर सहित करीब 23 जिलों में हल्की बूंदाबांदी के आसार जताए गए हैं। वैसे पूर्व से लेकर पश्चिम तक कुछ स्थानों पर हल्की से भारी बारिश हो सकती है। दिन में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। रविवार को फरवरी की शुरुआत अपेक्षाकृत गर्म रही। सुबह हल्का कोहरा जरूर था। लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, धूप निकल आई और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र, अमौसी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश शुरू हुई है। इसका असर धीरे-धीरे प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में दो और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं, जिनके प्रभाव से 4 फरवरी तक रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं।
आने वाले 48 घंटों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 4 फरवरी के बाद बारिश का सिलसिला थमने पर तापमान में फिर हल्की गिरावट आने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशांत महासागर में बनी ला-नीना स्थिति धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। फरवरी महीने में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से थोड़ा ज्यादा रह सकता है। इसी वजह से शीतलहर के दिन सामान्य से कम रहने और कुल बारिश औसत से कम होने की संभावना है।