क्या एक दूसरे की ‘रेड लाइंस’ को नाप रहे दोनों देश?
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Gulab Kothari Articles : स्पंदन : संगत का प्रभाव स्वयं पर भी सीधा पड़ता है और समाज में भी साख को प्रभावित करता है। संगत मन में वातावरण का निर्माण करती है। लगातार एक ही प्रकार के विषयों की चर्चा करने से व्यक्तित्व उसी प्रकार का बन जाता है। अलग-अलग संगत अलग-अलग प्रकार का व्यक्तित्व तैयार कर देती है।