शरीर ही ब्रह्माण्ड: अकारो वासुदेवः
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Gulab Kothari Articles : हमारे पर्व केवल सामाजिक उत्सव या उल्लास के माध्यम नहीं हैं, ब्रह्मांडीय सत्य, प्रकृति के ऋतु चक्र और मानवीय चेतना के बीच के गहरे तालमेल को दर्शाते हैं। कार्तिक मास के ये पर्व केवल परंपरा नहीं, ब्रह्मांड के संचालन, ऊर्जा के प्रवाह और संतुलन के प्रतीक हैं।