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PATRIKA PODCAST : दीपोत्सव : संरक्षण और त्याग का संकल्प

लक्ष्मी स्वभाव से चंचला हैं। एक स्थान को आश्रय बनाकर रहना उसे नहीं आता। लक्ष्मी अर्थसृष्टि है। अर्थ संसाधन है। स्थायी भाव नहीं। वस्तु की एक निश्चित गति होती है।
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Updated: 7 Nov 2026, 6:39 PM IST
Spandan
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Gulab Kothari Articles : हमारे पर्व केवल सामाजिक उत्सव या उल्लास के माध्यम नहीं हैं, ब्रह्मांडीय सत्य, प्रकृति के ऋतु चक्र और मानवीय चेतना के बीच के गहरे तालमेल को दर्शाते हैं। कार्तिक मास के ये पर्व केवल परंपरा नहीं, ब्रह्मांड के संचालन, ऊर्जा के प्रवाह और संतुलन के प्रतीक हैं।

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7 Nov 2026, 6:39 PM IST
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