प्रसंगवश: हम अंधे-बहरे लोग…, एंबुलेंस भी नहीं दिखती
Also Read
View All 
Gulab Kothari Articles : स्पंदन : हमारा सौर संवत्सर दो भाग में कार्यरत रहता है। सूर्य जब उत्तरायण तथा दक्षिणायन होता है। अत: हमारे यहां फसलें भी मूलत: दो ही होती हैं—रबी और खरीफ। ये फसलें इस देश की आर्थिक रीढ़ हैं। तीन-चौथाई आबादी इन्हीं पर निर्भर करती है। जब दोनों फसलों के पकने का समय आता है, इस देश का किसान फूला नहीं समाता। वह ईश्वर के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता है। यही हमारे देश के प्रमुख त्योहारों का मूल स्वरूप है। एक पर्व है—होली तथा दूसरा पर्व है—दीपावली।