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Podcast- नाम ब्रह्म का-प्रपंच माया के

Gulab Kothari Article Sharir Hi Brahmand: माया के कारण मन चंचल होता है। मन की चंचलता ही भटकाव है। मन ही हमें हमारा अस्तित्व लगने लगता है तब सारे विषय- अर्थ बदलने लगते हैं। मन यदि वस्तुस्थिति को जान ले, उसका वास्तविक ज्ञान होना ही माया से पार पाना है। माया मृगतृष्णा पैदा करती है। धन-सत्ता-रूप आदि का मोह, माया के प्रभाव से ही होता है। मोह के कारण हम नाशवान को शाश्वत, अपवित्र को पवित्र, दु:ख को सुख, शरीर को आत्मा समझने लगते हैं। शरीर ही ब्रह्माण्ड शृंखला में सुनें पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी का यह विशेष लेख- नाम ब्रह्म का-प्रपंच माया के-
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Updated: 22 May 2026, 7:43 PM IST
sharir hi brahmand
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Gulab Kothari Article शरीर ही ब्रह्माण्ड: ब्रह्म ने माया को पैदा किया ताकि ब्रह्म का विस्तार हो सके। तब शायद ब्रह्म ने नहीं सोचा होगा कि माया इतना कुछ कर देगी। माया ने तो जीव को इतना बांध दिया, भिन्न-भिन्न इन्द्रियों के विषयों के साथ, इतनी चकाचौंध के साथ कि वह माया के चक्कर में अपना स्वरूप ही भूल बैठा है। माया ने तो स्वयं ब्रह्म को पिंजरे में बन्द करके लाचार बना दिया है। केवल मानव योनि में ही एक विकल्प रह जाता है उसके पास, मुक्त होने का।

पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की बहुचर्चित आलेखमाला है - शरीर ही ब्रह्माण्ड। इसमें विभिन्न बिंदुओं/विषयों की आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से व्याख्या प्रस्तुत की जाती है। गुलाब कोठारी को वैदिक अध्ययन में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। उन्हें 2002 में नीदरलैन्ड के इन्टर्कल्चर विश्वविद्यालय ने फिलोसोफी में डी.लिट की उपाधि से सम्मानित किया था। उन्हें 2011 में उनकी पुस्तक मैं ही राधा, मैं ही कृष्ण के लिए मूर्ति देवी पुरस्कार और वर्ष 2009 में राष्ट्रीय शरद जोशी सम्मान से सम्मानित किया गया था। 'शरीर ही ब्रह्माण्ड' शृंखला में प्रकाशित विशेष लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें नीचे दिए लिंक्स पर-


शरीर ही ब्रह्माण्ड:एकत्व का सृजन मार्ग –https://www.patrika.com/opinion/patrika-editor-in-chief-gulab-kothari-special-article-on-16th-may-2026-sharir-hi-brahmand-on-path-creating-oneness-20583257


Podcast:दशम द्वार:चेतना का अवतरणhttps://www.patrika.com/news-bulletin/podcast-dshm-dvar-chetna-ka-avtrn-20562674


Podcast: शरीर ही ब्रह्माण्ड : अंधकार और मौन में माया का साम्राज्य https://www.patrika.com/news-bulletin/sharir-hi-brahmand-andhkar-maun-maya-ka-samrajya-gulab-kothari-article-20544791


Podcast:शरीर ही ब्रह्माण्ड:माया भीतर द्रष्टा,बाहर विश्व - https://www.patrika.com/opinion/podcast-shrir-hi-brhmand-maya-bhitr-drshta-bahr-vishv-20527081


शरीर ही ब्रह्माण्ड:ब्रह्म की यात्रा:सूक्ष्म से स्थूल तकhttps://www.patrika.com/opinion/podcast-shrir-hi-brhmand-brhm-ki-yatra-sukshm-se-sthul-tk-20509195-

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22 May 2026, 7:43 PM IST
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