पाठकों ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं, प्रस्तुत है पाठकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं
गेमिंग के दुष्प्रभाव समझाएं
बच्चों को मोबाइल गेमिंग से दूर रखने के लिए निश्चित समय-सीमा तय करना और ऐप्स पर पैरेंटल कंट्रोल का उपयोग आवश्यक है। उन्हें मोबाइल के बजाय खेलकूद, पढ़ाई, किताबें, संगीत और रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखें। माता-पिता को स्वयं मोबाइल का सीमित उपयोग करना चाहिए। बच्चों से प्यार भरा संवाद कर मोबाइल गेमिंग के दुष्प्रभाव समझाएं, उनकी दिनचर्या व्यवस्थित करें और सोते समय मोबाइल दूर रखें। साथ ही शिक्षक भी बच्चों को इसके दुष्प्रभाव के बारे में बताएं। जरूरत पड़ने पर काउंसलर की सहायता भी ली जा सकती है। - डॉ. राजीव कुमार, सवाई माधोपुर
माता-पिता 'रोल मॉडल' बनें
बच्चों को मोबाइल गेमिंग से दूर रखने के लिए सबसे प्रभावी उपाय है कि माता-पिता स्वयं उनके लिए 'रोल मॉडल' बनें। उन्हें आभासी दुनिया के बजाय मैदानी खेलों, चित्रकारी और किताबों की ओर आकर्षित करें। घर में 'नो गैजेट जोन' तय करें और बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएं। डांटने के बजाय, उन्हें रचनात्मक कार्यों में व्यस्त रखें और अकेलेपन में फोन का सहारा न लेने दें। प्यार और सही विकल्पों से ही उनकी डिजिटल लत को वास्तविक खुशियों में बदला जा सकता है। - इशिता पाण्डेय, कोटा
बच्चों के साथ समय बिताएं
बच्चों को मोबाइल गेमिंग से दूर रखने के लिए अभिभावकों को उनके दैनिक समय का संतुलन बनाना चाहिए। घर में खेलकूद, किताबें, चित्रकारी और संगीत जैसी रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दें। बच्चों के साथ समय बिताएं, उनसे बातचीत करें और मोबाइल उपयोग के लिए स्पष्ट नियम व समय-सीमा तय करें। आउटडोर खेल, योग और पारिवारिक गतिविधियां बच्चों का ध्यान मोबाइल से हटाकर स्वस्थ आदतें विकसित करती है। - कुशाग्र स्वामी, झालावाड़
रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं
बच्चों को मोबाइल गेम से दूर रखने के लिए स्क्रीन टाइम सीमित करें। आउटडोर खेल और रचनात्मक गतिविधियां जैसे कि पेंटिंग, संगीत, पहेलियां आदि को बढ़ावा दें। बच्चों को प्रकृति से जोड़े, साथ ही पैरेंटल कंट्रोल और शैक्षिक ऐप्स का उपयोग करें। इस प्रकार उनका ध्यान मोबाइल से हटकर अन्य जरूरी कामों पर लगा रहेगा। - हमीर लवारन, जोधपुर
अनुशासन का महौल बनाएं
बच्चों को मोबाइल गेमिंग से दूर रखने के लिए सबसे पहले माता-पिता को संयमित होकर अपना स्क्रीन टाइम सीमित करना होगा। घर पर अनुशासन का महौल बनाए रखें क्योंकि बच्चे सबसे अधिक देेखकर ही सिखते हैं। बच्चों की दिनचर्या में उनका दोस्तों के साथ बिताया समय और बाहरी खेलों पर बिताया समय निश्चित करें। इस तरह बच्चों को मोबाइल गेमिंग से दूर किया जा सकता है। - आनंद सिंह राजावत, ब्यावर
ऐप्स पर पैरेंटल कंट्रोल का उपयोग करें
मोबाइल गेमिंग की बढ़ती लत से बच्चों को बचाने के लिए अभिभावकों को सख्त लेकिन समझदारी भरे कदम उठाने होंगे। बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम की स्पष्ट सीमा तय की जाए और छोटे बच्चों को मोबाइल से दूर रखा जाए। माता-पिता स्वयं कम मोबाइल उपयोग कर रोल मॉडल बनें और घर में स्क्रीन-फ्री समय रखें। मोबाइल के स्थान पर खेलकूद, किताबें, कला और पारिवारिक गतिविधियों को बढ़ावा दें। ऐप्स पर पैरेंटल कंट्रोल का उपयोग करें और अनुचित गेम्स हटाएं। मोबाइल गेमिंग पूरी तरह बंद करना मुश्किल है, लेकिन संतुलन बनाना जरूरी है। शुरुआत में थोड़ी मुश्किल लगेगी, लेकिन धैर्य और लगातार प्रयास से बच्चे क्रिएटिव, एक्टिव और खुश रहेंगे। - मुकेश कुमार बिस्सा, जैसलमेर
खेल ही एकमात्र उपाय
एकाकी परिवार, माता पिता दोनों के वर्किंग होने जैसे अनेक कारणों की वजह से बच्चों में मोबाइल गेमिंग की लत बढ़ती जा रही है। यह विभिन्न मानसिक व शारीरिक परेशानियों को जन्म दे रही है। इससे निजात पाने के लिए जरूरी है कि घर में माता-पिता एवं अन्य सदस्य अपनी व्यस्तता से समय निकालकर बच्चों के साथ समय बिताएं। कम से कम एक समय का खाना सभी साथ मिलकर खाएं। इसके साथ ही आस पास के पेरेंट्स मिलकर इस बात के लिए प्रयास करें कि सभी बच्चे एक समय पर साथ में खेलें क्योंकि खेल ही एक साधन है बच्चों को मोबाइल गेमिंग की आदत से छुटकारा दिला सकता है। - शिवानी विश्वकर्मा, नरसिंहपुर
बच्चों का ध्यान मोबाइल से दूर करें
बच्चों की मोबाइल गेमिंग की आदत से दूर करने के लिए उनके साथ समझदारी से काम लेना चाहिए। लत को छुड़ाने के लिए उनको इसके नुकसान के बारे में प्यार से समझाएं। उनके ध्यान को बांटने के लिए अन्य खेलों और गतिविधियों में व्यस्त करें। उनके मन की सुने और अभिभावक भी उनके साथ मोबाइल नहीं चलाएं। मोबाइल देखने की समय सीमा तय करें। साथ में यह भी ध्यान रखें कि वो कोई गलत चीज ना देखें। एक बात ध्यान देने योग्य है कि कोई भी लत नियंत्रण से और एकदम नहीं छुटती, इसके लिए धैर्य और सहनशक्ति भी जरूरी है। - निर्मला वशिष्ठ, अलवर
माता-पिता स्वयं सीमा तय करें
बच्चों को मोबाइल गेमिंग से दूर करने के लिए स्क्रीन टाइम सीमित करें। बच्चे जिन ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं उसकी टाइम लिमिट तय करें। टाइम लिमिट को सख्ती से लागू करें और अनुचित कंटेंट ब्लॉक करें। परिवार के साथ समय बिताएं और माता-पिता खुद भी कम स्क्रीन टाइम रखें। क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वे देखते हैं। - विजेंद्र कुमार जांगिड़, जयपुर