भारत का कबड्डी में एकछत्र राज खत्म हो गया है। पुरुष टीम को सेमीफाइनल में मिली मात के बाद आज भारतीय महिला कबड्डी टीम भी फाइनल में हार गई।
नई दिल्ली। एशियाई गेम्स में हम भारतीयों के गौरव की सबसे बड़ी बुनियाद अब टूट चुकी है। जिस खेल में हम पिछले 28 सालों से चैंपियन थे, उसमें इस बार भारत को बुरी तरीके से हार का सामना करना पड़ा। बुधवार को भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सेमीफाइनल में हारने के बाद आज महिला टीम भी फाइनल में ईरान के हाथों हार गई। ईरान के हाथों मिली हार के बाद महिला कबड्डी टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पिछली बार दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम को रजत और कांस्य पदक ही हासिल हुआ।
ईरान से हार रजत से करना पड़ा संतोष-
इंडोनेशिया के जकार्ता में हो रहे 18 वें एशियाई खेलों में भारत की महिला कबड्डी टीम को ईरान की महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में 27- 24 से हरा दिया है। इस हार के साथ ही भारतीय महिला कबड्डी टीम भारत के लिए गोल्ड मेडल से चूक गई है। भारत की महिला कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों में अब तक दो मेडल जीते हैं। साल 2014 में हुए फाइनल मुकाबले में भारत की टीम ने ईरान को हराकर गोल्ड जीता था।
कांटे की थी टक्कर-
भारतीय टीम की कप्तान पायल चौधरी ने रेड मारकर भारत का खाता खोला। ईरान की रेडर सादिगेह जाफरी ने रेड मारकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। यहां रणदीप कौर खेरा, पायल और शोनाली की रेडिंग के साथ-साथ रितु नेगी और साक्षी के डिफेंस के दम पर भारत ने ईरान के खिलाफ 13-8 की बढ़त बना ली थी लेकिन ईरान ने अजादेह की रेडिंग और अपने डिफेंस से पहले हाफ में भारत के खिलाफ स्कोर 11-13 कर लिया।
दूसरे हाफ में ईरान की वापसी-
दूसरे हाफ में ईरान ने अच्छी वापसी की और अपने रेडिंग और डिफेंस से भारतीय टीम पर दबाव बनाते हुए 24-20 से बढ़त बना ली। यहां भारत की डिफेंडर रितु नेगी ने अच्छी कोशिश कर एक अंक लिया और भारत का स्कोर 21-14 किया। अपनी कमजोर रेडिंग के कारण भारत एक बार फिर ईरान से चार अंक से पिछड़ गया।
अंतिम समय में जीत का नाकाम प्रयास-
भारत के पास अपनी हार को जीत में तब्दील करने के लिए केवल तीन मिनट का समय बाकी था। साक्षी ने यहां सुपर रेड मारकर तीन अंक लिए और पासा पलटते हुए स्कोर 25-25 कर दिया था लेकिन ईरान ने यहां आखिर में दम लगाते हुए इस मैच को 27-24 से जीत कर स्वर्ण पदक जीत लिया।