रणधीर सिंह ने कहा, हम सभी सदस्यों को समझाने और योग को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल करने में सफल रहे। दूसरे खेलों में चोट लगने का खतरा रहता है, लेकिन योग शरीर को तरो-ताजा कर देता है।
जापान के नागोया में 2026 में होने वाले एशियाई खेलों में भारतीय योग को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) की रविवार को 44वीं आमसभा में एशियाई खेलों के कैलेंडर में योगासन को शामिल करने का फैसला किया गया। आमसभा में भारत के रणधीर सिंह को 2024 से 2028 तक के लिए निर्विरोध ओसीए अध्यक्ष चुना गया। रणधीर ने कहा, नागोया में योग प्रदर्शन खेल होगा, क्योंकि 2026 के एशियाई खेलों का कैलेंडर पहले तैयार किया जा चुका है और उसे मंजूरी मिल चुकी है। प्रदर्शन खेल में प्रतिभागियों को कोई पदक नहीं दिया जाता।
रणधीर सिंह ने कहा, हम सभी सदस्यों को समझाने और योग को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल करने में सफल रहे। दूसरे खेलों में चोट लगने का खतरा रहता है, लेकिन योग शरीर को तरो-ताजा कर देता है। उन्होंने कहा कि अगर योग को 2030 में होने वाले एशियाई खेलों में प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में शामिल कराना है तो जापान में होने वाले खेलों में इसकी जीवंत उपस्थिति दर्ज करानी होगी। हमें अन्य देशों को योगासन के फायदे के बारे में बताना होगा। इसे अन्य देशों को सिखाने और लोकप्रिय बनाने की जरूरत है। भारतीय ओलंपिक संघ (आइओए) की अध्यक्ष पी.टी. उषा ने जून में ओसीए अध्यक्ष को पत्र लिखकर एशियाई खेलों में योग को खेल के रूप में शामिल करने का आग्रह किया था।
यूथ ओलंपिक के लिए दावेदारी करेगा भारत
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को कहा कि भारत 2030 के युवा ओलंपिक की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश करेगा। यह इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का पांचवां संस्करण होगा। मेजबानी के अधिकार पाने के लिए भारत का मुकाबला पेरू, कोलंबिया, मैक्सिको, थाईलैंड, मंगोलिया, रूस, यूक्रेन, बोस्निया और हर्जेगोविना से होगा। मांडविया ने कहा, हमारा फोकस 2036 के ओलंपिक की मेजबानी हासिल करने पर भी रहेगा।