
पेशावर।पाकिस्तान के पेशावर में पुरातत्वविदों ने कहा है कि उन्होंने इंडो-ग्रीक अवधि के एक 2200 साल पुराने कारखाने का पता लगाया है। यह कारखाना एक धातु का कारखाना है। माना जा रहा है कि इसके अवशेष दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व यूनानी सभ्यता के हैं। यह खोज पेशावर विश्वविद्यालय के पुरातत्वविदों ने की है।
पाकिस्तान में हुई बड़ी खोज
पाक पुरातत्विदों ने इंडो-ग्रीक अवधि के धातु के कारखानों के अवशेषों का पता लगाया है। पाक मीडिया की खबरों में बताया गया है कि ये अवशेष दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व के हैं और इनका संबंध यूनानी सभ्यता से है। डॉन न्यूज ने प्रसिद्द पुराविद प्रोफेसर गुल रहीम के हवाले से बताया है कि यह खोज पेशावर के निकट स्थित हयाताबाद इलाके से की जाती है। आपको बता दें कि यह पूरा इलाका खैबर पख्तूनखाह सीमा के पास स्थित है। यहां खुदाई का काम पिछले तीन सालों से चल रहा था। गुल रहीम ने डॉन से बनातचीत में यह भी बताया कि इस स्थल से इंडो-ग्रीक काल के कुछ सिक्के मिले हैं। ऐसा अनुमान है कि ये सिक्के 2,200 साल पुराने हैं।
मिटटी के नीचे दफ़न है एक और सभ्यता
आपको बता दें कि इंडो-ग्रीक लोग अफगानिस्तान और बलख से आकर पेशावर में बस गए थे और उन्होंने उस क्षेत्र पर करीब 150 सालों तक राज किया। पुराविदों का कहना है कि मिले हुए अवशेषों से यह पता चलता है कि वहां धातु के कारखाने जैसा कोई ढांचा मौजूद था। पुराविदों का कहना है कि ऐसा लगता है कि इन कारखानों में तीर, धनुष, छुरी और तलवार आदि हथियार बनाए जाते थे। पेशावर विश्वविद्यालय के खाते में इस खोज के बाद एक बेहद अनोखी उपलब्धि जुड़ गई है। फिलहाल आगे इस साइट पर खोज का काम जारी है और यहां से कुछ और भी चीजों के मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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