आईएसआई के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असद दुर्रानी का कहना है कि पाकिस्तानी फौज इस्लामाबाद को भारत के साथ संबंध सुधारने से कभी नहीं रोकेगी।
नई दिल्ली। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई ) के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असद दुर्रानी का कहना है कि पाकिस्तानी फौज और यहां की खुफिया एजेंसी इस्लामाबाद को भारत के साथ संबंध सुधारने से कभी नहीं रोकेगी। वह कहते हैं कि बशर्ते संबंधों में सुधार अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए। दुर्रानी आजकल अपनी नई किताब 'द स्पाइ क्रॉनिकल्स : रॉ आईएसआई एंड द इल्युजन ऑफ पीस' को लेकर चर्चा में हैं, जिसे उन्होंने भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख ए.एस. दुलत के साथ संयुक्त रूप से लिखा है।
दुर्रानी ने एक समाचार एजेंसी को ईमेल साक्षात्कार में बताया कि आम धारणाओं (पेचीदी विदेश नीतियों में पाकिस्तान की सरकारें सेना के अधीन रही हैं) में गंभीर कमियां रही हैं। किसी ने भी भारत के साथ संबंधों में सुधार के लिए पाकिस्तान सरकार को नहीं रोका है। बशर्ते की दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांतों के अनुरूप हो। अन्यथा, परवेज मुशर्रफ जैसे सैन्य शासक की तरह प्रयास असफल ही होंगे। आईएसआई के पूर्व प्रमुख को उनकी किताब 'द स्पाइ क्रॉनिकल्स : रॉ आईएसआई एंड द इल्युजन ऑफ पीस' के विमोचन के लिए भारत ने वीजा देने से इनकार कर दिया गया था। इस किताब को 23 मई को नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने संयुक्त रूप से विमोचित किया था।
इस किताब के चर्चा में आने के बाद पाकिस्तानी सेना ने दुर्रानी को तलब किया था और इस किताब में उनके द्वारा लिखी गई बातों पर उनकी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया था। किताब में कश्मीर, हाफिज सईद , 26/11 मुंबई हमला , कुलभूषण जाधव, सर्जिकल स्ट्राइक, ओसामा बिन लादेन को लेकर समझौता, भारत-पाकिस्तान संबंधों में अमेरिका और रूस की भूमिका और भारत और पाकिस्तान के बीच शांतिपूर्ण वार्ता के आतंकवाद से खंडित होने को लेकर दुर्रानी ने अपना पक्ष और आकलन पेश किया है।