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पाकिस्तान: लाहौर सूफी दरगाह ब्लास्ट में 10 लोगों की मौत, हिजबुल अहरार ग्रुप ने ली जिम्मेदारी

लाहौर के दाता दरबार दरगाह ब्लास्ट में नया मोड़ हमले में अब तक हो चुकी है 10 लोगों की मौत आतंकी ने पुलिस वैन को बनाया निशाना

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लाहौर।पाकिस्तान में बुधवार सुबह हुए सूफी बम धमाकों में 10 लोगों की मौत हो गई है। करीब 20 लोग अब भी अस्पतालों में जीवन और मौत से लड़ाई लड़ रहे हैं। पाकिस्तान में हुए इस धमाके ने एक बार फिर से इस बहस को जन्म दे दे दिया है कि भारत में आतंक का सबसे बड़ा सप्लायर कैसे खुद आतंक के जाल में फंसता जा रहा है। धमाके के बाद जो वीडियो फुटेज सामने आए हैं वह बेहद हैरान करने वाले हैं। वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि एक आतंकी टहलते हुए दाता दरगाह परिसर में दखिल होता है और पुलिस वैन के पास से गुजरते हुए खुद को उड़ा लेता है। एक गुमनाम से आतंकी समूह हिजबुल अहरार ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

कौन है हिजबुल अहरार ग्रुप

पाकिस्तान में हमला करने वाला हिजबुल अहरार ग्रुप पहली बार चर्चा में तब आया जब उसने 2014 में बाघा बार्डर पर आत्मघाती हमला किया था। पहले यह संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से अलग होकर यह संगठन 2014 में बना था। तब से लेकर इस संगठन के बारे में अधिक पता नहीं चला। आज इस संगठन ने दाता दरबार सूफी दरगाह के बाहर धमाका कर अपने होने का वजूद दिखा दिया है। पुलिस वैन को निशाना बनाकर किए गए इस धमाके में कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की खबर है। इनमें से पांच पुलिस वाले हैं। मतलब साफ है । इस संगठन का निशाना पुलिस वाले थे न कि आम लोग।

क्या है हमले की वजह

हिजबुल अहरार संगठन के प्रवक्ता अब्दुल अजीज यूसुफजई ने कहा है, 'यह हमला ऐसे समय में किया गया जब पुलिस के पास कोई सिविलियन नहीं था।' इसका मतलब यह हुआ कि हिजबुल अहरार ने केवल पुलिस को निशाना बनाया। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के एक कद्दावर समूह जमातुल अहरार में जब बिखराव हुआ तो इस समूह के कमांडरों और लड़ाकों ने हिजबुल अहरार की स्थापना की थी। उमर खुरसानी को इसका सरगना नियुक्त किया गया था। अहरार इस्लाम विरोधी कामों के खिलाफ था और उसने इस्लाम को उसके असली रूप में स्थापित करने की कसम खाई। अब उनका मकअहरार का उद्देश्य इस्लाम के शुद्ध रूप को दुनिया भी में फैलाना है। साथ ही अहरार का यह भी एलान है कि उसके हमले में किसी भी निर्दोष की जान नहीं जाएगी।

आपको बता दें कि दाता दरबार एक सूफी दरगाह है। ये दक्षिण एशिया के बड़े सूफी स्थानों में से एक है। इस जगह हमेशा सुरक्षा बल मुस्तैद रहते हैं। ताजा हमला पंजाब पुलिस की एलीट फोर्स की वैन को निशाना बनाया गया था। वीडियो फुटेज से साफ़ है कि ये एक आत्मघाती हमला था। इस धमाके में मरने वाले 5 पुलिस कर्मियों में पंजाब पुलिस के कमांडो और एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल है। हालांकि सुबह का वक्त होने के कारण इस सूफी दरगाह के बाहर अधिक लोग नहीं थे। आपको बता दें कि पाकिस्तान में सूफी परंपरा को मानने वालों की तादाद अच्छी खासी है।

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Updated on:
09 May 2019 09:01 am
Published on:
08 May 2019 07:28 pm
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