
पाली। कोरोना की दूसरी लहर में आरटीपीसीआर (कोरोना रिपोर्ट) नेगेटिव व सिटी स्कैन में स्कोर अधिक आ रहा है। जिसे एक तरह से पॉजिटिव ही माना जा रहा है। यदि किसी का सिटी स्कोर 10 से अधिक आ रहा है तो जवान व्यक्ति घबरा रहा है। वह सीधे अस्पताल की तरफ दौड़ रहा है, लेकिन पाली की रहने वाली ७५ साल की पांची बाई ने इस स्थिति में भी जंग जीत ली और अब एक दम स्वस्थ है।
वे बताती है कि बीमार होने पर उनको यह बात समझ ही नहीं आई कि सिटी स्कैन का स्कोर क्या होता है। अब घबराहट थी। थोड़ी सांस में तकलीफ थी। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने का कहा, लेकिन अस्पताल नहीं गई और घर पर दवा ली। घर में रहते हुए रोजाना अपना काम भी खुद ही करने का प्रयास किया। इसके बाद ठीक हो गई।
सोच को सकारात्मक रखें
एक्सपर्ट व्यू, डॉ. प्रवीण गर्ग, मेडिकल कॉलेज, पाली
महिला का सिटी स्कोर अधिक था। मरीज काफी गंभीर था। इसके बावजूद मरीज ने भर्ती होने से मना कर दिया। इस पर उनको दवा देकर घर पर उपचार दिया। महिला की जज्बा व सोच सकारात्मक होने से वह ठीक हो गई। कोरोना में मरीज को घबराना नहीं चाहिए। अपनी सोच को सकारात्मक रखते हुए चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवा लेनी चाहिए। कोरोना भले ही इस बार खतरनाक लग रहा है, लेकिन सकारात्मक सोच और अपनों का सहयोग उसे हराया जा सकता है। जैसा कि पांची बाई ने किया।