पाली में वर्ष 1989 में भाजपा ने खोला था खाता, कांग्रेस 10 साल से तलाश रही जमीन, कांग्रेस के 8 बार रहे सांसद पाली से, भाजपा के 7 सांसद रहे है पाली से।
लोकसभा चुनाव की तिथियां घोषित हो चुकी है। पाली में तीसरे चरण में मतदान होगा। ईवीएम में बंद प्रत्याशियों का भाग्य जून में खुलेगा। पाली में पहली बार लोकसभा के लिए वर्ष 1952 में मतदान हुआ था। उसके बाद कांग्रेस का दबदबा रहा, लेकिन वर्ष 1989 में भाजपा ने पहली बार पाली में अपना खाता खोला। वह भी ऐसा कि लगातार तीन बार भाजपा के ही सांसद बने। यह क्रम टूटा 1998 में और कांग्रेस ने जीत हासिल की। इसके महज एक साल बाद फिर लोकसभा के चुनाव हुए और भाजपा ने जीत का परचम लहरा दिया। वर्ष 2009 के चुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की। उसके बाद वर्ष 2014 व 2019 में फिर भाजपा ने पाली सीट पर कब्जा कर लिया। कांग्रेस पिछले दस साल से पाली में जमीन तलाश रही है।
तीन-तीन बार रहे सांसद
पाली से कांग्रेस के मूलचंद डागा पाली से तीन बार सांसद रहे। वे 1971 में पहली बार जीते। इसके बाद 1980 व 1984 में भी सांसद बने। भाजपा के गुमानमल लोढ़ा 1989 में पहली बार जीते, लेकिन पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही 1991 में फिर चुनाव हुए। उसमें भी उन्होंने जीत दर्ज की। वे 1996 में भी सांसद बने। भाजपा के पुष्प जैन व पीपी चौधरी दो-दो बार सांसद बने।
अब तक हुए चुने गए सांसद
1952 : पहली लोकसभा में निर्दलीय अजीतसिंह
1957 : कांग्रेस के हरीशचंद्र माथुर
1962 : कांग्रेस के जसवंतराज मेहता
1967 : स्वतंत्र पार्टी के सुरेंद्र कुमार तापडिय़ा
1971 : कांग्रेस के मूलचंद डागा
1977 : भारतीय लोकदल के अमृत नाहटा
1980 : कांग्रेस के मूलचंद डागा
1984 : कांग्रेस के मूलचंद डागा
1988 : कांग्रेस के शंकरलाल शर्मा
1989 : भाजपा के गुमानमल लोढ़ा
1991 : भाजपा के गुमानमल लोढ़ा
1996 : भाजपा के गुमानमल लोढ़ा
1998 : कांग्रेस के मीठालाल जैन
1999 : भाजपा के पुष्प जैन
2004 : भाजपा के पुष्प जैन
2009: कांग्रेस के बद्रीराम जाखड़
2014 : भाजपा के पीपी चौधरी
2019: भाजपा के पीपी चौधरी