जिम्मेदारों की लापरवाही का ही नतीजा है कि जिस पार्क को बच्चों के लिए बनाया गया था, वह सार-संभाल का इंतजार कर रहा है।
Chandrayaan-3 Mission : चंद्रयान-3 मिशन को लेकर पूरा देश उत्साहित है, खासकर विज्ञान के विद्यार्थीं। चंद्रयान -3 को 14 जुलाई को इसरो ने लॉन्च किया था, जिसके एक महीने से अधिक की यात्रा के बाद चांद पर पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है। फिलहाल वह धरती के चारों ओर अंडाकार कक्षा में चक्कर लगा रहा है।
इधर, पाली शहर में भी साइंस पार्क है, लेकिन अब न तो रॉकेट सही सलामत है और न ही डायनासोर अब घुर्राकर बच्चों का मनोरंजन कर पा रहा है। ये जिम्मेदारों की लापरवाही का ही नतीजा है कि जिस पार्क को बच्चों के लिए बनाया गया था, वह सार-संभाल का इंतजार कर रहा है। कुछ साल पहले तक तो ये बच्चों के लिए आकर्षण का केन्द्र हुआ करता था, बच्चों की जिज्ञासाएं भी शांत होती थी, लेकिन अब तो ये पार्क बच्चों को निराश ही कर रहा है।
ऐसे समझें बच्चों की दूरी का कारण
● यहां बच्चों के मनोरंजन के लिए डायनासोर की प्रतिकृति लगाई गई है। इसके मुंह में सिक्का डालने पर पहले ये गुर्राता था यानी आवाज निकालता था। लेकिन, अब आवाज नहीं आती। इसका मुंह व हाथ भी टूट गया है।
● सौर ग्रह मण्डल अब बच्चों को आकर्षित नहीं करता है। यहां तारों ने भी टिमटिमाना बंद कर दिया है।
● यहां व्हेल मछली की प्रतिकृति अब पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके पूंछ व पंख तक टूट गए हैं।
● आसमान में उपग्रह भेजने की जानकारी देने के लिए लगाई गई रॉकेट की प्रतिक्रति नाकारा हो गई है। इसके पास झाड़ियां व पेड़ भी उग गए हैं।
पेड़ गिरे, जिम के उपकरण भी टूटे
इधर, साइंस पार्क में बिजली के उपकरण जंग लगकर पूरी तरह से खराब हो गए हैं। घूमने-फिरने के ट्रेक पर बिपरजॉय तूफान के समय से पेड़ गिरा हुआ है। इससे लोगों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। झूले व जिम के उपकरण टूटे हुए हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए बनाई गई तितली, खरगोश, हाथी, कछुआ व सांप भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।