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सावधान! पाली के निकट पैंथर की आहट

रोहट. रोहट क्षेत्र के केरला-पीर दुल्हेशाह गांवों के आस-पास पैंथर दिखने के बाद दहशत फैल गई है। पाली से मात्र पन्द्रह-बीस किलोमीटर दूरी पर ही पैंथर की आहट से वन विभाग भी सतर्क हो गया है।
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Updated: 22 Dec 2019, 2:02 AM IST
मिले पद चिह्न, गाजनगढ़ पर रखा पिंजरा
मिले पद चिह्न, गाजनगढ़ पर रखा पिंजरा

रोहट. रोहट क्षेत्र के केरला-पीर दुल्हेशाह गांवों के आस-पास पैंथर दिखने के बाद दहशत फैल गई है। पाली से मात्र पन्द्रह-बीस किलोमीटर दूरी पर ही पैंथर की आहट से वन विभाग भी सतर्क हो गया है। वहीं पैंथर पाली शहर के आस-पास भी आ सकता है। ऐसे में सभी को अलर्ट किया गया है। वन विभाग की टीम को पैंथर के पदचिह्न भी मिले हैं। अब इसका सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। इसके लिए देसूरी से एक पिंजरा मंगवाकर गाजनगढ़ के निकट रखा गया है।

चार दिन बाद चेते
शुक्रवार शाम को बीठू निवासी ललित, पाली निवासी रोशनलाल घंाची चोटिला सहित आस-पास गांवों से दूध लेकर आते हैं। उन्होंने चोटिला पीर दुल्हेशाह के निकट रेलवे फाटक क्रॉस करते समय एक नाडे पर पैंथर को देखा। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी किया। इससे पहले रेलवे के लोको पायलट ने भी पैंथर देखा था, इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी। लेकिन वन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब शनिवार को मामले में तुल पकड़ा और सोशल मीडिया पर चर्चा हुई तो विभाग ने देसूरी से पिंजरा मंगवाया।

शावक के पद चिह्न
वन विभाग के रैंजर जवान सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम चोटिला, केरला पीर दुल्हेशाह, दादिया की ढाणी के आस पास गए तो पैंथर के पद चिह्न मिले। यह पद चिह्न जोधपुर रेस्क्यू सेन्टर के डॉ. श्रवण सिंह को भेजे गए है। प्रथम दृष्टया यह पद चिन्ह किसी पैंथर के बच्चे के दिखाई दे रहे है। रात्रि में भी सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। ग्रामीण इलाकों में दहशत है।

सबसे पहले पत्रिका ने किया था खुलासा
केरला रेलवे स्टेशन पर डाउन अहमदाबाद पैसेंजर ट्रेने के सामने पैंथर आने की सूचना लोको पायलट ने रेलवे स्टेशन पर देने के बाद राजस्थान पत्रिका ने 18 दिसम्बर के अंक में इसकी खबर प्रकाशित कर मामला उजागर किया था। वन विभाग ने सभी को सतर्क रहने को कहा है। साथ ही सोशल मीडिया की अफवाहों से दूर रहने को कहा है।

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