
सूरत [गुजराज] के स्मीमेर अस्पताल के गायनेक वार्ड से एक गभर्वती महिला के चार साल के बच्चे का एक महिला अपहरण कर ले जाने से दौड़धाम मच गई। अपहरण के कुछ ही घंटों में पुलिस ने अपहर्ता महिला और उसके पति को पकड़कर बच्चे को मुक्त करवाया। पुलिस का कहना है कि शादी के 20 साल बाद भी संतान नहीं होने से दंपती ने बच्चे के अपहरण का षड्यंत्र रचा था।
पुलिस के मुताबिक, एक गर्भवती महिला शनिवार को प्रसूति के लिए स्मीमेर अस्पताल में भर्ती हुई थी। महिला के साथ उसका चार साल का पुत्र अर्क भी था। दोपहर करीब सवा तीन बजे एक महिला वार्ड से चार साल के बच्चे का अपहरण कर फरार हो गई थी। पुत्र के नजर नहीं आने पर परिजनों ने अस्पताल में खोजबीन की। इसके बाद वराछा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने सबसे पहले अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो उसमें एक महिला बच्चे को ले जाते हुए दिखाई दी। उसके बाद महिला ऑटोरिक्शा में बॉम्बे मार्केट की ओर जाते दिखाई दी।
पुलिस ने अलग-अलग सीसीटीवी कैमरे चेक करते हुए महिला का पता लगा लिया और विजय नगर सोसायटी में महिला के घर पहुंचकर उसके व उसके पति को धर दबोचा। पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला का नाम सीमा और उसके पति का नाम शंकर प्रजापति है। दंपती मूलत: राजस्थान के पाली जिले के महुवा गांव का निवासी है। पुलिस ने बताया कि शादी के बीस साल बाद संतान नहीं होने से महिला ने बच्चे के अपहरण की योजना बनाई थी।
75 से अधिक कैमरे चेक किए
चार साल के बच्चे के अपहरण की घटना सामने आने के बाद वराछा और क्राइम ब्रांच पुलिस ने टीमें बनाकर स्मीमेर अस्पताल से आई माता चौक तक एक-एककर 75 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। जिसके जरिए विजय नगर सोसायटी में महिला के घर तक पहुंची। विजय नगर के आगे के कैमरे जांचने पर आरोपी महिला नजर नहीं आई थी, जिससे पक्का हो गया कि महिला विजय नगर में ही रहती है।
बच्चे का कुमकुम से स्वागत भी किया
पुलिस ने बताया कि जब अपहर्ता महिला के घर पहुंचे तो घर में कुमकुम के निशान थे। पता चला कि बच्चे का अपहरण करने के बाद दंपती ने बच्चे का घर में स्वागत किया गया था। बच्चे के पैरों पर भी कुमकुम लगा हुआ था।