
नाडी मोहल्ला में करवाया सर्वे, 1124 लोगों की जांच, 5 रोगी मिले बुखार के
पाली. नाडी मोहल्ला में 12 साल की बालिका की डेंगू से जोधपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद बुधवार को चिकित्सा विभाग के दल ने क्षेत्र में सर्वे किया। क्षेत्र में बुखार से पीडि़त 5 मरीज मिले। इधर, चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के अनुसार बालिका के जोधपुर में उपचार का रिकॉर्ड नहीं मिला है। पाली में स्लाइड जांच की रिपोर्ट मिली है, लेकिन उससे डेंगू होने की पुष्टि नहीं कर सकते हैं।
नाडी मोहल्ला निवासी मोहम्मद शरीफ की पुत्री नसीम बानो का कुछ दिन पहले बुखार से पीडि़त हुई थी। उसकी पाली की एक लेब में रक्त की जांच करवाई गई थी। इसमें डेंगू की आशंका पर परिजन बालिका को जोधपुर ले गए थे। वहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसकी जानकारी पर चिकित्सा विभाग के राधेश्याम, राजकंवर, गीता व प्रेम कंवर ने क्षेत्र में 136 घरों का सर्वे कर 1124 लोगों की जांच की। इसमें से 5 बुखार के, 5 सर्दी-जुकाम आदि के मरीज मिले। इस पर पांचों बुखार पीडि़तों के रक्त के नमूने लिए गए।
खाली करवाएं कूलर
क्षेत्र चिकित्सा विभाग के दल ने लोगों को डेंगू के लक्षणों व बचाव के उपाय की बारे में जानकारी दी। कई घरों के कूलर आदि में भरे पानी को खाली करवाया, जिससे मच्छर नहीं पनपे।
रिकॉर्ड में डॉक्टर का नाम तक नहीं
बांगड़ अस्पताल के पीएमओ एमएस राजपुरोहित के अनुसार बालिका की पाली की जिस निजी लेब में जांच करवाई थी। वहां की रिपोर्ट के अनुसार डेंगू होना नहीं माना जा सकता है। बालिका की रिपोर्ट पर डॉक्टर का नाम भी नहीं है। वहीं जोधपुर में हुए उपचार का रिकॉर्ड भी परिजनों के पास नहीं है। ऐसे में बालिका को डेंगू था। यह स्पष्ट रूप से नहीं कह सकते हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में सर्वे करवाया गया है।