
Pali : यह फोटो प्रतीकात्मक है, इसे AI के सहयोग से बनाया गया है।
Pali : पाली के जैतारण थाना पुलिस ने करीब एक सप्ताह पहले 252 ग्राम एमडी (मेफोड्रोन) बरामद कर दो युवकों को गिरफ्तार करने के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले षड्यंत्र का खुलासा किया। पुलिस जांच में सामने आया कि बेशकीमती जमीन हड़पने के लिए कुछ लोगों ने कथिततौर पर निर्दोष व्यक्तियों को एनडीपीएस एक्ट के मामले में फंसाने की साजिश रची थी। पुलिस ने मामले में पांच पुरुष और एक महिला सहित छह व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान बरामद एमडी को लेकर गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने उसके बारे में अनभिज्ञता जताई थी, तब मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने वृताधिकारी जैतारण रमेन्द्र सिंह हाड़ा को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद साइबर सेल की मदद से जांच में षड्यंत्र की परतें खुली।
जैतारण पुलिस उप अधीक्षक रमेन्द्रसिंह हाडा ने बताया कि जांच में सामने आया कि मीठाराम मेघवाल के पास जालोर जिले के सायला क्षेत्र में हाईवे पर करीब 19 बीघा बेशकीमती जमीन है। उसके व्यापारिक साझेदार मित्रों की नजर इस जमीन पर थी। महेन्द्र राजपुरोहित और हड़माराम ने पहले मीठाराम की जमीन का मुख्तियारनामा करवाया और बाद में उसे गुमराह कर बेच दिया। इसकी राशि मीठाराम को नहीं देना चाहते थे। जब जमीन वापस दिलाने का दबाव बढ़ा तो उसे दोबारा व्यापार में साथ लेने का भरोसा दे दिया। इसके बाद मीठाराम को पैसे नहीं देने की नीयत से उसे रास्ते से हटाने के लिए साजिश रची गई।
इसमें जैतारण निवासी कैलाश वैष्णव हाल निवासी ट्रांसपोर्ट नगर पाली, जोगराज, किरण उर्फ पिंटू और महिला राणावास निवासी साईना रंगरेज को शामिल किया गया। तब जालोर जिले के सायला क्षेत्र के रेवतड़ा निवासी महेन्द्र ने अपने परिचित जोगराज से एमडी मंगवाई और किरण उर्फ पिंटू के माध्यम से मीठाराम की एसयूवी की सर्विस करने के दौरान गियर बॉक्स में एमडी का पाउच छिपा दिया।
इसके बाद योजना के तहत कैलाश ने साईना के जरिए मीठाराम से इंस्टाग्राम पर दोस्ती करवाई और उसे जैतारण क्षेत्र में मिलने के लिए बुलाया। इसी दौरान सभी ने मिलकर पुलिस को सूचना दे दी और नाकाबंदी में रामावास मोड़ के हाईवे पर उसे रोका गया। जब तलाशी ली तो पुलिस को एमडी बरामद हो गई। जबकि पुलिस के अनुसार, योजना का उद्देश्य मीठाराम को मादक पदार्थ के मामले में फंसाना निकला।
गिरफ्तार साईना रंगरेज के संबंध में पुलिस ने बताया कि वह पहले सोजत सिटी थाने में दर्ज प्रकरण गिरफ्तार हो चुकी। उक्त मामले में उस पर सोजत के एक युवा उद्योगपति को हनीट्रैप में फंसाने का आरोप था। वहीं, गिरफ्तार आरोपी जोगराज राजपुरोहित के खिलाफ पुलिस थाना बिशनगढ़, जालोर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज बताया। पुलिस के अनुसार वह करीब एक माह पहले ही जमानत पर बाहर आया था।
14 अगस्त को जैतारण थाना पुलिस ने नेशनल हाईवे संख्या 458 पर रामावास चौराहे से पहले नाकाबंदी की थी। इसी दौरान तेज गति से आ रही संदिग्ध एसयूवी को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में सवार मीठाराम और जबराराम से पूछताछ के बाद वाहन की तलाशी में 252 ग्राम अवैध एमडी बरामद हुई थी। इस पर एनडीपीएस एक्ट में दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया था।
जांच में पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, आपसी चैट, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एमडी रखने और युवक को हनीट्रैप के जरिए फंसाने की पूरी योजना का खुलासा किया। पुलिस ने इस मामले में महेन्द्र राजपुरोहित, जोगराज राजपुरोहित, हड़माराम, कैलाश वैष्णव, किरणकुमार सिंह उर्फ पिंटू और साईना रंगरेज को गिरफ्तार कर लिया। जैतारण पुलिस उप अधीक्षक हाडा ने कहा कि निर्दोष व्यक्तियों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश कर कानून के अनुसार राहत दिलाई जाएगी।
Updated on:
21 Aug 2026 04:08 pm
Published on:
21 Aug 2026 04:08 pm
