
बांगड़ अस्पताल। पत्रिका फाइल फोटो
पाली। पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन मंदिर पर हुए दर्दनाक हादसे में 10 साल का मासूम गंभीर घायल हो गया। घर के सामने स्थित लाइट ऑन करने के लिए चढ़ा मासूम पैर फिसलने के कारण 10 फीट की ऊंचाई से नीचे लोहे की खड़ी जाली पर गिर गया। जिससे जाली के लोहे का सरिया उसके सीने में करीब दो इंच तक धंस गया। घटना के बाद परिजन उसे तत्काल मारवाड़ जंक्शन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को पाली रेफर कर दिया। जिले के बांगड़ अस्पताल में बच्चे उपचार जारी है और हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मारवाड़ जंक्शन के रजत जयंती कॉलोनी निवासी घायल मासूम के पिता मुकेश नाथ ने बताया कि उनका 10 साल का बेटा मंदिर पर लाइट ऑन करने ऊंचाई पर चढ़ा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह करीब 10 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया। नीचे लोहे की खड़ी जाली लगी हुई थी, जिस पर गिरने से बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल भुवनेश्वर तीसरी कक्षा का छात्र है। हादसे में लोहे की जाली का एक सरिया भुवनेश्वर के सीने में करीब दो इंच तक घुस गया। अचानक हुए इस हादसे से परिजन बुरी तरह घबरा गए। स्थानीय लोगों की मदद से परिजन बच्चे को लेकर मारवाड़ जंक्शन अस्पताल पहुंचे। जहां उसे गंभीर हालत में पाली रेफर कर दिया।
बच्चे के पिता ने बताया कि जाली में लोहे के सरिए फूल के आकार में गोलाई में भी लगे हुए थे। गनीमत रही कि सीने में घुसा सरिया इन दूसरे सरियों के कारण अपनी दिशा में आगे नहीं बढ़ सका। इससे सरिया बच्चे के हार्ट तक नहीं पहुंचा और बड़ा हादसा टल गया। अगर सरिया हार्ट में घुस जाता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। मारवाड़ जंक्शन से रेफर किए जाने के बाद भुवनेश्वर को पाली के बांगड़ अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने बच्चे के सीने में हुए घाव का उपचार किया और टांके लगाए। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। अच्छी बात यह है कि अब बच्चे की हालत खतरे से बाहर है।
Updated on:
20 Aug 2026 02:21 pm
Published on:
20 Aug 2026 02:21 pm
