
वडोदरा/ पाली. वडोदरा ग्रामीण लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) ने वडोदरा-हालोल रोड पर कोटंबी गांव की सीमा में स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर 1.24 करोड़ से ज्यादा की विदेशी शराब का बड़ा जखीरा पकड़ा। शाह इंडस्ट्रियल पार्क-3 स्थित साईनाथ एंटरप्राइज के गोदाम से पुलिस ने शराब की 1490 पेटियां बरामद कीं, जिनमें कुल 66432 बोतलें थीं। शराब, कार और मोबाइल फोन समेत कुल 1.28 करोड़ रुपए से ज्यादा का माल जब्त किया गया। पुलिस ने मौके से राजस्थान के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने मौके से राजस्थान के जालोर के मनोहरलाल बिश्नोई, सांचोर के प्रकाश बिश्नोई, चितलवाना के दिनेशकुमार बिश्नोई और बाड़मेर के सेडवा के प्रवीणकुमार बिश्नोई को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एलसीबी की टीम ने कोटंबी स्थित गोदाम पर छापा मारा। यहां शराब का बड़ा स्टॉक रखा हुआ था। जब्त शराब की कीमत 1.24 करोड़ से ज्यादा रुपए आंकी गई है। इसके अलावा 4 लाख रुपए की कार और 56 हजार रुपए कीमत के सात मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब का यह जखीरा वडोदरा और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करने के लिए हरियाणा के सुमीत और महाराष्ट्र के प्रधानजी से मंगाया गया था। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में शामिल जोधपुर निवासी सुनील हरिगाराम जाट तथा शराब की आपूर्ति करने वाले सुमीत और प्रधानजी छापे के दौरान मौके पर नहीं मिले। पुलिस ने इनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की है।
वडोदरा में शराब पूरी तरह से बैन (प्रतिबंधित) है। वडोदरा भारत के गुजरात राज्य का हिस्सा है, और गुजरात एक पूर्ण 'ड्राई स्टेट' है। इसका मतलब है कि पूरे राज्य में आम जनता के लिए शराब बनाना, बेचना, खरीदना और उसका सेवन करना गैरकानूनी है। इसी वजह से, पुलिस ने ₹1.24 करोड़ से ज्यादा की शराब को "अवैध" मानकर जब्त किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पर्यटकों के लिए: गुजरात से बाहर के राज्यों या विदेशों से आने वाले लोग (यात्री) आधिकारिक सरकारी होटलों या अधिकृत दुकानों से लीगल शराब परमिट बनवाकर सीमित मात्रा में शराब खरीद और पी सकते हैं।
हेल्थ परमिट: राज्य के कुछ स्थायी निवासियों को डॉक्टर की सलाह और कड़ी चिकित्सा जांच के बाद स्वास्थ्य कारणों से शराब खरीदने का विशेष परमिट दिया जाता है।
गिफ्ट सिटी छूट: हाल ही में गुजरात सरकार ने गांधीनगर की 'गिफ्ट सिटी' में काम करने वाले कर्मचारियों और वहां आने वाले मेहमानों के लिए शराब पीने के नियमों में कुछ ढील दी है, लेकिन यह वडोदरा या राज्य के अन्य हिस्सों पर लागू नहीं होता।
स्थानीय निवासियों द्वारा बिना किसी वैध परमिट के शराब रखना या पीना कानूनन अपराध है, जिसके लिए जेल और भारी जुर्माने की सजा हो सकती है।