- लोग अपनाना चाहते हैं आयुर्वेद उपचार पर नहीं मिल रही सुविधा
पाली. शहर में लोग अपनी सेहत को सुधारने के लिए आयुर्वेद का सहारा लेना चाहते हैं। लेकिन, वर्तमान में कई आयुर्वेद अस्पतालों की सेहत नासाज है। शहर में तीन आयुर्वेद अस्पताल है। धानमंडी को छोड़ कर एेसा कोई भी अस्पताल नहीं है जहां मरीजों को पूरी तरह सुविधा मिल सके। इन अस्पतालों में न पर्याप्त स्टाफ है और न ही पर्याप्त सुविधाएं। शहर में लम्बे समय से इन आयुर्वेदिक अस्पतालों पर ध्यान नहीं दिया गया है। इससे इन अस्पतालों की स्थिति और ज्यादा बदतर होती जा रही है।
हाउसिंग बोर्ड में योग भवन में ही अस्पताल
हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में लम्बे समय से आयुर्वेदिक अस्पताल संचालित हो रहा है। पहले यह अस्पताल अलग-अलग स्थानों पर किराए के भवन में चलता था। लेकिन, सरकार की ओर से जिला मुख्यालय पर योग भवन बनाने के बाद इस भवन में ही आयुर्वेद अस्पताल को स्थापित कर दिया। अब इस भवन में एक हिस्से में सुबह योग होता है। दूसरी तरफ, अस्पताल को संचालित किया जाता है।
कचरे के ढेर के पास आयुर्वेद अस्पताल
सुभाष नगर में एक कमरे में आयुर्वेद अस्पताल का संचालन हो रहा है। इस अस्पताल स्थिति को देख मरीज यहां आने से भी कतराते हैं। अस्पताल के पास कचरे का ढेर लगा रखा है। इतना ही नहीं, पेयजल के लिए बिछाई जा रही पाइप लाइन के पाइपों को इसके आगे रख दिया गया है।
योग भवन में चल रहा अस्पताल
- हाउसिंग बोर्ड में पहले किराए पर आयुर्वेद अस्पताल चलता था। अभी उसे योग भवन में संचालित किया जा रहा है। योग भवन के पास ही जमीन खाली है। बजट आने पर यहां अस्पताल तैयार करवाया जाएगा।
- चंद्रशेखर शर्मा, डीओ आयुर्वेद विभाग, पाली
एएनएम प्रशिक्षण के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू
पाली. चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार विभाग की ओर से संचालित एएनएम प्रशिक्षण केंद्र पर दो वर्षीय एनएनएम प्रशिक्षण के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएस शेखावत ने बताया कि जिला मुख्यालय पर राजकीय बांगड़ चिकित्सालय परिसर में संचालित एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में 45 सीटों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई तय की गई है।