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रात के अंधेरे में हो रहा अवैध बजरी खनन

रायपुर मारवाड़ उपखण्ड क्षेत्र की प्रमुख लूनी नदी बजरी माफि या के निशाने पर है। यहां रात के अंधेरे में आधुनिक मशीनों के जरिए बजरी का बड़े स्तर पर अवैध खनन किया जा रहा है।
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Updated: 29 Nov 2019, 7:05 AM IST
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रायपुर मारवाड़ उपखण्ड क्षेत्र की प्रमुख लूनी नदी बजरी माफि या के निशाने पर है।

रायपुर मारवाड़. उपखण्ड क्षेत्र की प्रमुख लूनी नदी बजरी माफि या के निशाने पर है। यहां रात के अंधेरे में आधुनिक मशीनों के जरिए बजरी का बड़े स्तर पर अवैध खनन किया जा रहा है।
चन्द घण्टों में सैकड़ों टन बजरी का खनन कर डंपरों के जरिए ब्यावर भेजी जा रही है। जबकि ट्रैक्टर ट्रॉली में लाद कस्बे व पिपलिया कला भेजी जा रही है। इन हालातों को लेकर प्रभावी कार्रवाई की बजाय जिम्मेदारों द्वारा मौन समर्थन दिया जा रहा है।
दरअसल, कस्बे से सटी लूनी नदी में मनोकामना बालाजी मंदिर के पीछे रोजाना रात को दो दर्जन से अधिक डम्पर बजरी लेने पहुंच रहे हैं। यहां माफि या बजरी खनन कर जेसीबी के जरिए डंपरों में ओवरलोड बजरी लाद उन्हें खुलेआम ब्यावर भेज रहा है। करीब 50 से अधिक ट्रैक्टर ट्रॉली में बजरी लाद मनमर्जी के दाम वसूले जा रहे हैं।
छलनी हो रही नदी
सुप्रीम कोर्ट की सख्त रोक का यहां कोई असर नहीं है। जिला कलक्टर द्वारा बना रखी टास्क फ ोर्स भी यहां दखल नहीं दे रही है। खनिज विभाग भी अनदेखी कर रहा है। पुलिस सीधी कार्रवाई नहीं कर पा रही है। ऐसे में छलनी हो रही नदी में बजरी माफि या के खिलाफ नकेल कसने वाला कोई नहीं है।
दीपावास व बिचड़ी में भी खनन
सोजत के रायरा कलां से डम्पर लेकर बजरी माफि या दीपावास नदी में पहुंच बजरी खनन कर अलग-अलग गांवों में सप्लाई कर रहे हैं। झूठा गांव से सटे बिचड़ी में भी बजरी का बड़े स्तर पर अवैध खनन हो रहा है।
किसानों ने लगाई गुहार
रायपुर, दीपावास, बिचड़ी के किसानों ने जिला कलक्टर को पत्र भेजा है। जिसमें बड़े स्तर पर हो रहे बजरी खनन से कुएं रिचार्ज नहीं होने की चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने समय रहते खनन बन्द नहीं कराने पर हाइवे पर जाम प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
टोल प्लाजा दे रहा गवाही
रायपुर बर के बीच फ ोरलेन टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे व ओवरलोड बजरी के दोगुना टोल वसूली का रिकॉर्ड बड़े स्तर पर बजरी खनन की गवाही दे रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों के कानों तले जूं तक नहीं रेंग रही है।

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