पाली

4 बेटियों के सिर से उठा था माता-पिता का साया, अब अंधेरी जिंदगी में आया नया उजाला, जानिए कैसे

पाली शहर के प्रताप नगर में बांगड स्टेडियम के सामने एक चद्दर के कमरे में रहने वाली संगीता 18 साल, नेहा 13 साल, नीतू 10 साल और सबसे छोटी रवीना 5 साल के सिर से माता-पिता का साया उठ गया था
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Feb 18, 2024
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असमय मां-बाप को खोने वाली चार बेटियों के जीवन में अब अंधेरा नहीं रहेगा। परिजनों व जरूरतमंदों के भोजन के पैकेट पर आश्रित रहने वाली बेटियों की व्यथा को राजस्थान पत्रिका ने शनिवार को प्रमुखता से उठाया तो कई संगठनों के साथ ही प्रबुद्धजनों ने मदद को हाथ बढ़ाए हैं। इतना ही नहीं, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने भी ट्वीट कर इन बेटियों का दर्द कम करने का विश्वास दिलाया है। उन्होंने पाली जिले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को इन बेटियों को योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, पाली शहर के प्रताप नगर में बांगड स्टेडियम के सामने एक चद्दर के कमरे में रहने वाली संगीता 18 साल, नेहा 13 साल, नीतू 10 साल और सबसे छोटी रवीना 5 साल के सिर से करीब चार साल पहले पिता रतन बंजारा भाट का साया उठ गया। मां मैना देवी मजदूर कर बेटियों को पाल रही थी, लेकिन नियति को यह भी मंजूर नहीं था और 26 जनवरी को मां भी चार बेटियों को अकेला छोड़कर चली गई। उनकी बड़ी मां व काकी भी विधवा है। एक बड़े पिता है, लेकिन बुजुर्ग है और वे घर पर ही रहते है। पहले मजदूरी करते थे। ऐसे में इन बेटियों को अपना बनाकर कोई सिर पर हाथ रखने वाला नहीं है। इस पर राजस्थान पत्रिका के शनिवार के अंक में नियति की मार... मां-बाप को भगवान ने बुला लिया, बिलखती रहती हैं बेटियां’ के शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मदद की अपील की। इसका बड़ा असर देखने को मिला।

एक माह की खाद्य सामग्री भेजी
इधर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव कुलदीप रांका ने भी पाली विभाग के अधिकारियों को प्रकाशित समाचार की कटिंग भेजकर सहायता करने के निर्देश दिए। वहीं पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ अपनी पत्नी राजबाला व पुत्र सचिन के साथ पीड़ित बालिकाओं के घर पहुंचे और एक माह की खाद्य सामग्री सौंपी। इसी प्रकार शहर के एक मित्र मंडल के अशोक बंजारा, महेंद्र सिंह, अजय मेवाड़ा, हिम्मत सिंह, नरेश परिहार व अन्य ने पीड़ित बालिकाओं के घर पहुंच एक माह का किराने का सामान मुहैया कराया।

केबिनेट मंत्री गहलोत ने दिए निर्देश, कहा -बेटियों की मदद को तैयार भाजपा सरकार
राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद केबिनेट मंत्री गहलोत ने ट्वीट किया और लिखा कि मां-बाप के साये के बिना इन बच्चियों का जीवन कितना दुश्वार है, ये सोचनीय विषय है। उन्होंने जिले सहित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों से इन बहनों को मंत्रालय की योजनाओं का लाभ दिलवाने के लिए निर्देश दिए हैं। साथ ही लिखा कि ग़रीब कल्याण के लिए प्रतिबद्ध वर्तमान भाजपा सरकार इन बालिकाओं की मदद के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

बालिकाओं को प्रति माह 1500 रुपए की सहायता
मंत्री गहलोत के निर्देश पर पीड़ित बालिकाओं के घर पहुंचकर जानकारी ली। बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के निर्देश पर शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग की ओर से 18 वर्ष से कम उम्र की तीन बालिकाओं को पालनहार योजना के माध्यम से प्रति माह 1500 रुपए की सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

जे.पी. अरोड़ा, अतिरिक्त निदेशक, समाज कल्याण विभाग, पाली

बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास
बालिकाओं की पारिवारिक आर्थिक स्थिति कमजोर है, मकान भी कच्चा है, एक खुला बाथरूम है, शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है। उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।

दुर्गेश सिंघल, परामर्शदाता, राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह, पाली

Published on:
18 Feb 2024 12:39 pm