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पाली में 300 प्रकरण पोक्सो के विचाराधीन

- प्रदेश में 55 पोक्सो न्यायालय, पाली के लिए तीन नए पोक्सो कोर्ट की घोषणा - जल्द होगा निस्तारण, मिलेगी राहत - जेल में भी सबसे अधिक बंदी पोक्सो के
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Updated: 8 Aug 2018, 8:10 AM IST
300 Pocso cases pending in Pali
पाली में 300 प्रकरण पोक्सो के विचाराधीन

पाली। राज्य सरकार ने प्रदेश में सोमवार को 55 पोक्सो न्यायालयों की घोषणा की है। इसमें पाली जिले को लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए 3 न्यायालय मिले हैं। पाली के हालात को देखते हुए तीन नए कोर्ट से इन प्रकरणों के निस्तारण के लिए काफी राहत मिलेगी। पाली कोर्ट में वर्तमान में करीब 300 प्रकरण पोक्सो के विचाराधीन है। अब तक इस अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई के लिए जिले में एक ही न्यायालय था। इस अधिसूचना का सीधा प्रभाव नाबालिग बालक-बालिकाओं से हुई छेड़छाड़, यौन शोषण एवं दुष्कर्म के मामलों की सुनवाई पर पड़ेगा। अब 2 अतिरिक्त न्यायालय एवं संसाधन मिलने से इन मामलों की सुनवाई और अधिक तेजी से हो पाएगी। पोक्सो के तीनों कोर्ट के विधिवत शुरू होने की प्रक्रिया अब प्रारंभ होगी।

क्या है पोक्सो कानून
सरकार ने वर्ष 2012 में एक विशेष कानून बनाया था, जो बच्चों को छेडख़ानी, दुष्कर्म व कुकर्म जैसे मामलों से सुरक्षा प्रदान करता है। पोक्सो शब्द अंग्रेजी से आता है। इसका पूर्णकालिक मतलब होता है ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012’ यानी लैंगिक उत्पीडऩ से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012। इस एक्ट के तहत नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है। यह एक्ट बच्चों को सेक्सुअल हैरेसमेंट, सेक्सुअल असॉल्ट और पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। इस कानून के तहत अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा तय की गई है। इसमें सात साल सजा से लेकर उम्रकैद और अर्थदंड भी लगाया जा सकता है। हाल ही में जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम को इसी एक्ट के तहत उम्र कैद की सजा सुनाई गई, जो देश भर में चर्चा का विषय रहा।

पाली जेल में पचास प्रतिशत बंदी पोक्सो के

पोक्सो के मामलों को लेकर पाली के हाल चौंकाने वाले हैं। पाली जेल में वर्तमान में पचास प्रतिशत बंदी पोक्सो के मामलों में बंद है। प्रतिशत के लिहाज से प्रदेश में ये बड़ा आंकड़ा है। इसको लेकर जेल प्रशासन भी हैरान है। अब तक पाली में एससीएसटी कोर्ट के जज के पास पोक्सो के मामलों की सुनवाई होती थी। अब तीन कोर्ट होने से इनका निस्तारण जल्द होने की उम्मीद है।

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