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Pali News: बेटी को जन्म देने के बाद प्रसूता की मौत, एक साल पहले हुई थी शादी, मरने के बाद भी ड्रिप चढ़ाने का आरोप

पाली के बांगड़ अस्पताल में बेटी को जन्म देने के कुछ घंटे बाद 23 वर्षीय प्रसूता की मौत हो गई। ललिता की शादी महज एक साल पहले हुई थी। परिजनों ने चिकित्सकों और नर्सिंगकर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया कि महिला की मौत के बाद भी उसे ड्रिप चढ़ाने का प्रयास किया गया।
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पाली

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Kamal Mishra

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Updated: 2 Nov 2026, 7:02 PM IST

pali death

Pali: मृतका ललिता और उसके पति पवन नागौरा (फोटो-पत्रिका)

पाली। जिले के बांगड़ चिकित्सालय में प्रसव के बाद एक 23 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला ने एक नवंबर को बेटी को जन्म दिया था। इसके कुछ घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और देर रात उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों ने चिकित्सकों और नर्सिंगकर्मियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिवार का आरोप है कि महिला की मौत हो जाने के बाद भी उसे ड्रिप चढ़ाने का प्रयास किया गया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना दिया और मामले की जांच की मांग की।

मृतका ललिता के पति पवन नागौरा पोकरण के निवासी हैं, जबकि उसके पिता राजूराम पाली के चेलावास गांव में रहते हैं। परिजनों के अनुसार, गर्भवती ललिता को 27 अक्टूबर को बांगड़ चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। एक नवंबर को दोपहर में उसने बेटी को जन्म दिया। प्रसव के बाद कुछ समय तक उसकी तबीयत ठीक रही, लेकिन रात में अचानक हालत बिगड़ने लगी।

तेज दर्द के बाद भी नर्सिंगकर्मियों ने नहीं दिया ध्यान

परिजनों का कहना है कि रात करीब 11 बजे के बाद ललिता को तेज दर्द होने लगा। उन्होंने नर्सिंगकर्मियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। नर्सिंग कर्मियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि ऑपरेशन के बाद दर्द होता है। परिजनों के मुताबिक, ललिता दर्द से परेशान रही और रात करीब एक बजे के बाद उसकी मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया कि मौत के बाद भी चिकित्साकर्मियों ने उसे ड्रिप चढ़ाने का प्रयास किया।

दो बार चढ़ाए गए प्लेटलेट्स

बांगड़ चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. कैलाश परिहार के अनुसार, महिला को अस्पताल लाने के समय उसके प्लेटलेट्स कम थे। इस पर उसे प्लेटलेट्स चढ़ाए गए थे। प्रसव के बाद भी प्लेटलेट्स में कमी आई, जिसके चलते दोबारा प्लेटलेट्स चढ़ाए गए। अधीक्षक ने बताया कि महिला की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ था। चिकित्सकों ने परिजनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह भी दी थी। परिजन इसके लिए तैयार थे, लेकिन महिला की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण उन्होंने यहीं उपचार जारी रखने का निर्णय लिया। प्रसव के बाद महिला की हालत ठीक थी, लेकिन रात में अचानक तबीयत बिगड़ गई।

बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले गए परिजन

महिला की मौत के बाद परिजन मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों व नर्सिंगकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मृतका के पिता राजूराम ने सीएमएचओ के नाम शिकायत देकर जांच कराने की मांग की। परिजनों ने अस्पताल में भर्ती होने से लेकर मौत तक की सभी मेडिकल जांचों, दवाइयों और उपचार से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखने की मांग की। साथ ही अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों व नर्सिंगकर्मियों की भूमिका की जांच कराने को कहा। दोपहर में अस्पताल अधीक्षक कक्ष में समझाइश के बाद परिजन धरना समाप्त कर शव अपने साथ ले गए। शव बिना पोस्टमार्टम के ले जाया गया।

एक साल पहले हुई थी शादी

ललिता की शादी 8 नवंबर 2025 को पोकरण निवासी पवन नागौरा से हुई थी। यह उसका पहला प्रसव था। परिवार ने प्रसव के लिए उसे चेलावास गांव लाया था। तबीयत खराब होने पर उसे पाली के बांगड़ चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। बेटी के जन्म के कुछ घंटे बाद ही मां की मौत से परिवार में शोक छा गया।