पाली के कन्या महाविद्यालय भवन जर्जर, वर्ष 1995 में बना था गर्ल्स कॉलेज
पाली में कन्या महाविद्यालय बने 30 साल गुजर चुके हैं। महाविद्यालय की दीवारें व छत अब उम्र दराज हो गई हैं। छतों व दीवारों से कभी भी प्लास्टर के स्लेब गिर जाते हैं। छत पर जाने वाले सीढि़यों पर छत से गिरे प्लास्टर का ढेर लगा है। हालात यह है कि बालिकाएं जर्जर हो चुके बरामदों, शौचालय व कक्षा-कक्षों में जाने तक से कतराती हैं, लेकिन मजबूरी में उनको उस झूलते खौफ के नीचे से होकर गुजरना पड़ता है।
शहर के टैगोर नगर क्षेत्र में वर्ष 1995 में गुमानबाई पन्नालाल भंसाली कन्या महाविद्यालय का निर्माण शुरू किया गया। महाविद्यालय का उद्घाटन अक्टूबर 1997 में किया गया। टैगोर नगर में 133.32 लाख रुपए में बने इस कॉलेज की बनने के बाद इतने सालों में मरम्मत नहीं होने से अब छज्जे, छत, दीवारें तक गिरने की िस्थति में पहुंच गई हैं। सरिए छत व दीवारों से झांक रहे हैं। छज्जों के सरिए टूट गए हैं। छज्जे झूल रहे हैं। कॉलेज में पढ़ने वाले 676 बालिकाएं गिरते स्लेबों के कारण खौफ के साए में अध्ययन कर रही हैं।
कन्या महाविद्यालय की जर्जर छतों, दीवारों व छज्जों के साथ लेबोरोट्री आदि की मरम्मत सहित अन्य कार्य के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से तखमीना बनाया गया है। जिसके अनुसार मरम्मत के लिए करीब 28 लाख रुपए की जरूरत है। जिसमें लेबोरेट्री, छत व छज्जे आदि ठीक करने से साथ रंग-रोगन किया जा सकेगा। अब इंतजार यह राशि मिलने का है।
कन्या महाविद्यालय की जर्जर छतों, कक्षों आदि का कॉलेज आयुक्तालय की ओर से करीब छह माह पहले सर्वे किया गया था। इस पर भवन के मरम्मत के लिए राशि मिलने की आस जगी थी, लेकिन इतना समय गुजरने के बावजूद अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। उधर, बरसात के समय कॉलेज में कई जगह पर छत से पानी का रिसाव होता है। जिससे दीवारें व छत गिरने का खतरा है।
महाविद्यालय में छत का प्लास्टर आदि गिरने सहित अन्य मरम्मत के लिए हमारी ओर से तखमीना बनाकर भेजा गया है। राशि मिलते ही इसे ठीक करवाया जएगा।
-विनीता कोका, प्रिंसिपल, कन्या महाविद्यालय, पाली
-नगर परिषद की ओर से 6.49 बीघा व राज्य सरकार की ओर से 15 बीघा भूमि दी गई थी कॉलेज के लिए।
-रूपचंद पारसमल भंसाली परिवार ने दिए थे 61 लाख रुपए।
-तत्कालीन सांसद गुमानमल लोढ़ा ने सांसद कोष से दिए थे 13.71 लाख रुपए।
-जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की ओर से नगर सहभागी योजना के तहत 58.61 लाख रुपए दिए गए थे।