
पाली . बांगड़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में एक गंभीर अवस्था में लाए गए मरीज को चिकित्सकों ने तो जोधपुर रैफर कर दिया। लेकिन, कोई साथ नहीं मिलने से उसे जोधपुर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। जबकि, अस्पताल में उस मरीज के लिए दो बार एम्बुलेंस 108 भी आई। लेकिन, उसके साथ जोधपुर जाने वाला कोई नहीं होने से वह बेड पर ही इंतजार करता रह गया। जानकारी है कि सोमवार को सुमेरपुर उप स्वास्थ्य केंद्र से पुलिसकर्मी 108 एम्बुलेंस में एक घायल व्यक्ति को ट्रोमा सेंटर में लेकर आए थे। चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू कर दिया। वहीं पुलिसकर्मी वहां से रवाना हो गए। इधर, सुबह लगभग 8 बजे मरीज की तबीयत बिगडऩे लगी। चिकित्सकों ने मरीज को जोधपुर रैफर कर अस्पताल पुलिस चौकी में सूचना दे दी। लेकिन, कोई पुलिसकर्मी अस्पताल नहीं आया। इस सम्बध में 108 एम्बुलेंसकर्मी नरेंद्र कीर ने बताया कि मरीजों को उसी स्थिति में जोधपुर ले जा सकते है। जब उसके परिजन या पुलिस साथ में हो।
पुलिसकर्मी घायल अवस्था में करवा गए थे भर्ती
चिकित्सकों ने बताया कि सोमवार को सुमेरपुर उप स्वास्थ्य केंद्र से पुलिसकर्मी 108 एम्बुलेंस में एक घायल व्यक्ति को ट्रोमा सेंटर में लेकर आए थे। चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू कर दिया। वहीं पुलिसकर्मी वहां से रवाना हो गए। इधर, सुबह लगभग 8 बजे मरीज की तबीयत बिगडऩे लगी। चिकित्सकों ने मरीज को जोधपुर रैफर कर अस्पताल पुलिस चौकी में सूचना दे दी। लेकिन, कोई पुलिसकर्मी अस्पताल नहीं आया।
सुध लेने वाला भी नहीं
पाली में इस घायल की कोई सुध लेने वाला नजर नहीं आ रहा है। अस्पताल पहुंचे 108 एम्बुलेंस स्टाफ ने मरीज के साथ पुलिसकर्मी या परिजन होने पर ही जोधपुर ले जाने की बात कही। इधर, पुलिस चौकी के अधिकारियों ने स्टाफ कम होने से मरीज के साथ नहीं जाने की बात बताई। इसी के चलते मरीज मंगलवार शाम तक अस्पताल में बेड पर ही रहा।