पाली

राजस्थान का मोस्टवांटेड तस्कर MP से गिरफ्तार, 8 महीने तक चला ऑपरेशन; गर्लफ्रेंड के सुराग से मिला ठिकाना

Smuggler Sunil Meena: मादक पदार्थों के विरोधी कार्यबल (एएनटीएफ) ने प्रदेश के साथ मध्यप्रदेश के इनामी तस्कर को मध्यप्रदेश के नीमच से गिरफ्तार किया है। उस पर पाली जिले में 50 हजार और प्रदेश में 2.75 लाख रुपए का इनाम है।
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Jul 09, 2026
Rajasthan most wanted smuggler
एएनटीएफ की गिरफ्त में राजस्थान का मोस्टवांटेड तस्कर। फोटो: पत्रिका

पाली। मादक पदार्थों के विरोधी कार्यबल (एएनटीएफ) ने प्रदेश के साथ मध्यप्रदेश के इनामी तस्कर को मध्यप्रदेश के नीमच से गिरफ्तार किया है। उस पर पाली जिले में 50 हजार और प्रदेश में 2.75 लाख रुपए का इनाम है। वह 2020 में देसूरी थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी पर फायर कर फरार हो गया था। उसके खिलाफ सांडेराव थाने में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है।

सुनील तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 15 दिन तक चरवाहे के भेष में उसके गांव और आसपास के इलाकों की रेकी की थी। जांच में सामने आया कि मोस्टवांटेड सुनील एक बच्चे के जरिए अपनी गर्लफ्रेंड के संपर्क में रहता था। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। आखिरकार, पुलिस ने नीमच से सटे जंगल के पास एक घर में घेराबंदी कर मोस्टवांटेड को दबोच लिया।

राजस्थान के नारको टॉप 25 की सूची में शामिल गमेरपुरा पुलिस थाना जीरन जिला नीमच मध्यप्रदेश निवासी 27 साल का सुनील पुत्र कारूलाल रावत मीणा को एएनटीएफ ने 8 माह तक अभियान चलाकर गिरफ्तार किया है। उस पर राजस्थान व मध्यप्रदेश में 19 मामले दर्ज है। पाली जिले में सुनील पर 50 हजार व उदयपुर में 2 हजार रुपए का इनाम घोषित है। इसके अलावा जयपुर, एनसीबी मध्यप्रदेश व मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से भी सुनील पर इनाम घोषित है।

पाली में की थी फायरिंग

राजसमंद जिले के चारभुजा थाना क्षेत्र में नवम्बर 2020 में रात को सुनील व उसके साथियों ने डोडा-पोस्त की तस्करी के दौरान टोल नाके के नाकाबंदी तोड़कर देसूरी की तरफ आया था। देसूरी पुलिस की ओर से नाकाबंदी कर तस्करों की दो गाडि़यों को रुकवाने का प्रयास करने पर बदमाशों ने पुलिस पर अंधाधुन फायरिंग कर दी थी। जिससे उस समय देसूरी थाने में तैनात सिपाही रणवीरसिंह के पैर में गोली लग गई थी। एक गोली कांस्टेबल रामकरण के पास से होकर निकली थी। एक पुलिस की गाड़ी के टायर में लगी थी। तस्कर सिपाही को घायल करने के बाद वापस देसूरी नाल में फायरिंग करते हुए चारभुजा थाना क्षेत्र के मनावतों का का गुड़ा की तरफ भागे। वहां फिर से टोल नाके पर नाकाबंदी तोड़कर फरार हो गए थे।

तीन आरोपी हुए थे गिरफ्तार

फायरिंग से घायल तत्कालीन कांस्टेबल रणवीर ने बताया कि उनके घायल होने के बाद मामले में दो आरोपी वासुदेव व प्रकाश को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद तीसरे आरोपी को पकड़ने वाली टीम में भी वे शामिल रहे। तीसरे आरोपी जगदीश को पाली टीम की सूचना पर पचपदरा से बाड़मेर व पचपदरा पुलिस की सहायता से पकड़ा गया था। उस समय उसके पास से 450 किलो डोडा, एक पिस्टर व 153 कारतूस सहित चोरी की कार मिली थी। इस मामले में रणवीर को नकद राशि का पुरस्कार दिया गया था।

Updated on:
09 Jul 2026 09:48 am
Published on:
09 Jul 2026 09:48 am