
जिले में वर्ष 2014 से लेकर अब तक मर्ज के नाम पर खाली पड़े स्कूल भवनों में अब फिर से बच्चों की चहल-पहल होगी और बाबूजी बैठकर कार्य करेंगे। साथ ही जर्जर हो चुके स्कूल भवनों का उपयोग किस रूप में किया जा सकता है, इसकी भी कार्ययोजना तैयार होगी। ऐसे भवनों का जीणोZद्धार भी करवाया जाएगा। जिला कलक्टर ने पत्रिका की खबर पर आदेश जारी कर अधिकारियों को पाबंद किया है कि पाली पड़े स्कूलों की जानकारी तत्काल उपलब्ध करवाई जाए, ताकि उनका समुचित उपयोग किया जा सके।
जिला कलक्टर ने राजस्थान पत्रिका की सेव द स्कूल मुहिम के बाद इन भवनों का उपयोग करने के साथ जीणोZद्धार कराने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने जिले के सभी सीडीइओ को मर्ज होने के बाद अनदेखी की शिकार 73 स्कूलों के साथ अन्य उपयोग में नहीं आ रहे स्कूल भवनों को चिह्नित करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही उनमें यदि फिर से स्कूल संचालित हो सके तो उसका विवरण मांगा है। ऐसे भवनों की सूची भी मांगी है, जिनका तुरन्त किसी न किसी रूप में उपयोग हो सकें।
पत्रिका ने छेड़ी मुहिम
राजस्थान पत्रिका की ओर से सेव द स्कूल के तहत मर्ज हो चुके 73 भवनों का फिर से उपयोग करवाने को लेकर मुहिम छेड़ी। मुहिम में ग्रामीणों के साथ विधायकों और सरपंचों ने भवनों का किस-किस तरह उपयोग हो सकता है, इस बारे में सुझाव दिए थे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से भी भवनों के उपयोग को लेकर सर्वे कराने के साथ पीइइओ को पाबंद करने की पहल की गई थी।
एसडीएम से पूछा, बताएं- कौन से कार्यालय चल सकते हैं
जिला कलक्टर की ओर से जिले के सभी उपखण्ड अधिकारियों को भी जर्जर हो रहे स्कूल भवनों को लेकर जानकारी मांगी गई है। इसके साथ ही उनसे यह भी पूछा है कि इन भवनों में यदि स्कूल नहीं संचालित किया जा सकता तो क्षेत्र का कौनसा सरकारी कार्यालय स्थानान्तरित किया जा सकता है। भवन सरकारी कार्यालय के लिए उपयोग नहीं आ सकते तो गैर सरकारी कौनसे कार्य के लिए उपयोग हो सकता है।
जीणोZद्धार के लिए मांगे प्रस्ताव
जो स्कूल भवन अधिक जर्जर हो गए है और मरम्मत की जरूरत है। उनके प्रस्ताव मांगे गए हैं। ये प्रस्ताव अधिकारियों को पांच-सात दिन में होने वाली डिस्टि्रक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट की बैठक में लाने को कहा गया है। जिससे उनके लिए राशि स्वीकृत की जा सके। जिन भवनों में समाजकंटक बैठते हैं, उनका जायजा लेकर कार्रवाई करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए गए है।
भवनों का चिह्नीकरण कर करवाएंगे उपयोग
राजस्थान पत्रिका की मुहिम के बाद मर्ज स्कूलों के बंद भवनों के साथ अन्य स्कूलों के बंद भवनों का उपयोग कराने के लिए सीडीइओ व उपखण्ड अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए राशि भी स्वीकृत करवाकर उनका उपयोग किया जाएगा।
नमित मेहता, जिला कलक्टर, पाली