
प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का पहला चरण आज से
पाली. जिले में प्रवेशोत्सव का पहला चरण गुरुवार से शुरू होगा, जो ९ मई तक चलेगा। इस उत्सव में शिक्षकों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। इस बार सरकारी स्कूल के हर शिक्षक को कम से कम पांच विद्यार्थियों को स्कूल से जोडऩे का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए हाउस होल्ड कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत शिक्षक को ग्राम सेवक से मतदाता सूची लेकर उसके अनुसार हर घर जाना होगा। वहां पढऩे वाले बच्चों की जानकारी लेकर शिक्षा से वंचितों को स्कूल से जोडऩा होगा। इसके साथ ही शिक्षकों को तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी से जोडऩा होगा। इसमें वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहयोगिनी आदि का सहयोग ले सकते हैं। शिक्षा विभाग ने इसे लेकर सभी पीईईओ व संस्था प्रधानों को पिछले वर्ष से १० प्रतिशत अधिक नामांकन बढ़ाने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
यह करना होगा शिक्षकों व संस्था प्रधानों को
प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के तहत इस बार ० से १८ वर्ष तक के उन विद्यार्थियों को स्कूल से जोडऩा होगा, जो पिछले वर्ष पढ़ाई छोड़ गए थे। इसके साथ ही ४५ दिन से स्कूल नहीं आ रहे बच्चों को स्कूल बुलाकर उनको आयु के अनुसार कक्षा की पढ़ाई करवानी होगी। इसके बाद उनको अगली कक्षा में प्रवेश देना होगा।
आज ही करना होगा नामांकन
शिक्षकों की ओर से बोर्ड के अलावा सभी कक्षा के विद्यार्थियों का नाम पहले ही दिन अगली कक्षा के रजिस्टर में अंकित कर दिया जाता है। इस बार कक्षा तीसरी, पांचवीं व दसवीं बोर्ड की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों का नाम भी गुरुवार को ही अगली कक्षा में अंकित कर पढ़ाई शुरू करवानी होगी। परिणाम का इंतजार नहीं करना है।
प्रतियोगिता से देना होगा संदेश
प्रवेशोत्सव के पहले दिन प्रार्थना सभा में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करना होगा। इसके तहत पूर्व विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों आदि की उपस्थिति में वाद-विवाद के अलावा खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना होगा। अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल से जोडऩे के प्रति अभिभावकों व विद्यार्थियों को प्रेरित करना होगा।
नामांकन बढ़ाने का प्रयास
हम इस बार अधिक से अधिक नामांकन बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए होर्डिंग लगाने, बैनर लगाने के साथ पेम्फलेट आदि बांटने के लिए भी संस्था प्रधानों को कहा गया है। प्रभात फेरियों जनप्रतिनिधियों के साथ निकाली जाएगी। अभिभावकों की सभा भी की जाएगी।
रामसिंह राजपुरोहित, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, शैक्षिक प्रकोष्ठ, प्रारम्भिक शिक्षा, पाली