
पाली. प्रदेश में इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में पारदर्शिता के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से मतदान उपकरणों में तकनीकी विस्तार किया गया है। इस बार मतदाता द्वारा वोट देने के बाद उनकी संतुष्टि के लिए मशीन में बताया जाएगा कि उनका वोट किस पार्टी या प्रत्याशी को गया है। निर्वाचन आयोग की ओर से इस बार राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव में आधुनिक तकनीकी से युक्त एम - 3 ईवीएम व उसके साथ वीवीपेट मशीन का उपयोग किया जाएगा। ईवीएम मशीन का कार्य तो वोटिंग करवाना होगा। लेकिन, चुनाव में बाद मशीन में गडबड़ी की अफवाओं पर रोक लगाने के लिए इस बार वीवीपेट मशीन को चुनाव में शामिल किया गया है। इस बार मतदाता द्वारा ईवीएम मशीन में वोटिंग के साथ उसके द्वारा दिए गए वोट की पर्ची भी निकलेगी। हालांकि, इस पर्ची को निर्वाचन आयोग की ओर से सुरक्षित रखा जाएगा। यह है वीवीपेट का काम
इवीएम में वोट करने वाला वोटर अभी तक लाल कलर का एलइडी बल्ब ही देख पाता था। एक बीप की आवाज आती और वोट डलने की जानकारी मिलती। लेकिन वीवीपेट मशीन वोट करने के अगले 7 सेकेंड में एक पर्ची बाहर निकालेगी। जिससे वोटर ने किस पार्टी को वोट दिया, यह जानकारी मिल जाएगी। वीवीपेट को इवीएम के साथ ही लगाया जाएगा। हालांकि वोटर को पर्ची नहीं मिलेगी। यह पर्ची वीवीपेट मशीन में ही सुरक्षित रहेगी।
आपत्ति जताने पर खोला जाएगा वीवीपेट
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वीवीपेट मशीन का चुनाव में उपयोग मतदाता को उसके दिए मत की जानकारी देना होगा। इसकी वीवीपेट में ही सुरक्षित रखा जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि मतदान गणना के दौरान अगर कोई प्रत्याशी मतों की गणना पर आपत्ति या आपत्ति जताएगा। उस समय ईवीएम मशीन में पड़े वोट व वीवीपेट में जमा पर्चियों में पड़े वोट का मिलान किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है इस प्रणाली से अफवाओं में कमी आएगी और चुनाव पूरी तरह से पारदर्शी होंगे। पार्टी के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुई प्रथम स्तरीय जांच
अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा चुनाव में को लेकर जिला मुख्यालय पर 2577 बेलट युनिट, 2147 कंट्रोल युनिट व 2234 वीवीपेट मशीन पहुंच चुकी है। इन सभी मशीनों की प्रमुख राजनैतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के मामले प्रथम स्तरीय जांच कर सुरक्षित रख दी गई है।
सुरक्षित है नई मशीन
निर्वाचन अधिकारी सुधीरकुमार शर्मा ने बताया कि इस बार वोटिंग के लिए आई एम-2 ईवीएम व वीवीपेट मशीन को शामिल किया जा रहा है। यह मशीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इसे किसी प्रकार से हैक या कनेक्ट नहीं किया जा सकता। मशीन के कोडिंग के अनुसार उपकरण है। वह उपकरण उसी मशीन में लगेंगे। इस बार चुनाव में वीवीपेट मशीन को भी शामिल किया जा रहा है। इसे मतदान के समय ईवीएम मशीन के पास ही रखा जाएगा। मतदाता के वोट देने के बाद वीवीपेट में मतदाता द्वारा दिए गए वोट की पर्ची दिखेगी। वह पर्ची कटकर वीवीपेट के लॉकर में गिर जाएगी। इससे मतदाता आरोप नहीं लगा सकेगा कि उसने बटन दूसरा दबाया और वोट अन्य को चला गया। सभी मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच कर ली गई है।
फैक्ट फाइल (विधानसभा चुनाव के लिए पाली पहुंची मशीनें)
बैलेट यूनिट - 2577
कंट्रोल यूनिट - 2147
वीवीपेट - 2234