शारदे बालिका छात्रावास में गीजर के अभाव में चूल्हे पर होता है गर्म पानी
मारवाड़ जंक्शन. यहां शारदे बालिका छात्रावास में कड़ाके की ठण्ड के बीच बालिकाओं एवं वार्डन को चूल्हे पर गर्म पानी करके अपनी दिनचर्या का शुभारम्भ करना पड़ता है । हालात यह है कि एक तरफ जहां सरकार देश भर में चूल्हे को विश्राम देकर उज्जवला योजना के तहत महिलाओं को धुंए एवं प्रदुषण से दूर रखकर गैस कनेक्शन वितरीत कर लोगों के दिल जीतने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी तरफ पूर्ण सुविधायुक्त इस छात्रावास में बाथरूम में गर्म पानी के गीजर की उपलब्धता नहीं होने के कारण ठण्डा पानी उपलब्ध हो रहा है। प्रात: विद्यालय के समय बालिकाएं नित्यक्रिया के लिए स्नान के लिए पानी ठण्डा होने के कारण अपने वार्डन के साथ चूल्हे पर बर्तन रखकर धुएं एवं प्रदुषण के बीच गर्म पानी करने का जत्न करती नजर आती है। यहां की वार्डन प्रत्येक बालिका के लिए लम्बे समय तक गर्म पानी करती रहती है। गौरतलब है कि इसी साल फरवरी माह में केन्द्रीय एवं राज्यमंत्री पीपी चौधरी एवं विधायक केसाराम चौधरी के करकमलों से इस छात्रावास का उद्घाटन किया गया था। इसकी लागत लगभग 1.39 करोड़ रुपए है। ऐसी स्थिति में पूर्ण सुविधायुक्त होने के बावजुद भी गीजर के अभाव में बालिकाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस छात्रावास में कुल 39 बालिकाएं रहती है तथा दो महिला वार्डन केे साथ एक चौकीदार भी है।
छात्रावास की उपलब्धता का भी किया था बखान
शनिवार को जिला स्तर पर आयोजित चार वर्ष गौरवपूर्ण के उपलक्ष में आयोजित समारोह में मंत्री व जनसमूह के बीच स्थानीय नेताओं ने इस छात्रावास की उपलब्धि का बखान किया था । लेकिन, एक दिन बाद ही यह हालात है कि यहां बालिकाओं को चूल्हे पर गर्म पानी करके अपना काम चलाना पड़ रहा है ।
इनका कहना है
इस छात्रावास में टीवी, फ्रिज व गीजर के लिए उच्च अधिकारियों से मांग की हुई है एवं जब तक कोई भामाशाह द्वारा गीजर भेंट कर दिया जाए तो राहत मिल सकती है।
-पंकज पंवार, कार्यक्रम अधिकारी, शारदे बालिका छात्रावास प्रबंधक पाली।