
पाली . देशभर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान के तीसरे दिन भी पाली के ट्रांसपोर्ट नगर में सन्नाटा पसरा नजर आया। पाली के सभी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी इस हड़ताल का पूरा समर्थन कर रहे हैं। वहीं रविवार को हड़ताल का तीसरा दिन होने के बाद भी सरकार द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं देने पर आक्रोष भी जताया। व्यापारियों की यह अनिश्चित कालीन हड़तान सरकार द्वारा लगातार डीजल की कीमतों में इजाफा करने के विरोध में की जा रही है। सभी ट्रांसपोर्ट व्यापारियों की मांग है कि डीजल की कीमतें कम होनी चाहिए। सभी वस्तुओं के समान ही जीएसटी के दायरे में लाया जाए। राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य निर्धारण व डीजल कीमतों में त्रैमासिक संशोधन होना चाहिए। देश को टोल बैरियर मुक्त किया जाए। थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम निर्धारण में पारदर्शिता व जीएसटी की छूट होनी चाहिए। एजेंटों को भुगतान किए जा रहे अतिरिक्त कमीशन को समाप्त किया जाए। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में टीडीएस खत्म होना चाहिए। आयकर अधिनियम की धारा 44एई में अनुमानित आय में कमी और उसको तर्कसंगत करने व ई.वे बिल से जुड़ी कुछ व्यवहारिक समस्याओं को देखते हुए नियमों में संशोधन किए जाएं।
अटका कपड़ा उद्योग
तीन से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय की हड़ताल का सीधा असर पाली के कपड़ा उद्योग पर पड़ा है। पाली से प्रतिदिन लाखों रुपए का ग्रे कपड़ा पाली आता है। लाखों का तैयार कपड़ा देश के अलग-अलग राज्य में भेजा जाता है। लेकिन, पिछले तीन दिनों से जिले में माल नहीं आने व तैयार कपड़ा नहीं जाने से व्यपारियों को काफी नुकसान हो रहा है।
सब्जियों व फुल हुए महंगे
हड़ताल का असर पहले दिन ही नजर आने लग गया। हड़ताल के चलते शुक्रवार को पाली में सब्जियों की आवक नहीं हुई। इसके चलते शुक्रवार को बाजार में फल और सब्जियां आम दिनों से महंगी उपलब्ध हुई। वहीं बाजार में फुलों व मालाएं भी महंगी मिली।
आज से हाइवे पर देंगे धरना
- तीन दिन से सभी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन कर रहे है। सरकार द्वारा अभी तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं देने से सोमवार से सभी हाइवे पर धरना देंगे।
- हिम्मताराम, अध्यक्ष, दी पाली गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन