
Panna Turtle Rescue: मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह की शुरुआत दक्षिण पन्ना वनमंडल में एक नन्हे वन्यप्राणी की जिंदगी बचाने के साथ हुई। शाहनगर वन परिक्षेत्र में बुधवार रात एक छोटा कछुआ पन्ना-कटनी हाईवे पर पहुंच गया। सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच कछुए की जान खतरे में थी। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और टॉर्च की रोशनी में तलाश कर उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
रात करीब 8.15 बजे वन विभाग को सूचना मिली कि हाईवे पर एक कछुआ सड़क के बीच आ गया है और किसी वाहन की चपेट में आ सकता है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वनरक्षक उदयभान सिंह, वनपाल आशीष कुमार पाण्डेय और वनपाल ओमप्रकाश द्विवेदी तत्काल मौके के लिए रवाना हुए। रात के अंधेरे में वनकर्मियों ने टॉर्च की सहायता से सड़क के आसपास कछुए की तलाश शुरू की। कुछ देर की मशक्कत के बाद कछुआ मिल गया। वन अमले ने सावधानीपूर्वक उसका रेस्क्यू किया और उसे सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
वन अमले ने रेस्क्यू के बाद कछुए को उसके लिए उपयुक्त सुरक्षित जलाशय में छोड़ दिया। इस तरह हाईवे पर वाहनों की चपेट में आने का खतरा टल गया और कछुआ अपने प्राकृतिक वातावरण में वापस पहुंच गया। वन विभाग की तत्परता वन्यप्राणियों के संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण बनी। दक्षिण पन्ना वनमंडल ने नागरिकों से अपील की है कि सड़क या राजमार्ग पर कोई वन्यप्राणी दिखाई दे तो वाहन की गति तत्काल कम करें और उसे सुरक्षित रूप से रास्ता पार करने का अवसर दें। जरूरत पड़ने पर वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते वन्यप्राणी को सुरक्षित बचाया जा सके।